Mumbai में H1N1 के मामले तेजी से बढ़े, 6 महीने में मिले 113 केस; डॉक्टरों ने दी चेतावनी

Maharashtra: मुंबई में इस साल की शुरुआत से जुलाई के बीच H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। BMC के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जुलाई के मध्य तक शहर में 113 केस सामने आए हैं, ज

Maharashtra: मुंबई में इस साल की शुरुआत से जुलाई के बीच H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। BMC के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जुलाई के मध्य तक शहर में 113 केस सामने आए हैं, जबकि पिछले साल इसी दौरान केवल 41 मामले मिले थे। मौसम में अचानक होने वाले बदलावों की वजह से यह वायरस तेजी से फैल रहा है।

डॉक्टरों का कहना है कि तापमान और नमी के उतार-चढ़ाव ने वायरस के लिए अनुकूल माहौल बना दिया है। मानसून के देरी से आने को भी इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है। हालांकि ज्यादातर केस मामूली हैं, लेकिन 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे मरीजों में यह गंभीर रूप ले रहा है। कुछ मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत भी पड़ी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, शहर में इस समय केवल एक नहीं बल्कि कई वायरस एक साथ सक्रिय हैं। H1N1 के साथ-साथ COVID-19, Influenza A और RSV जैसे वायरस भी फैल रहे हैं, जिसे एक तरह का वायरल कॉकटेल कहा जा रहा है। हालांकि, बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉक्टर गौतम भंसाली का मानना है कि H1N1 के मामलों में अब गिरावट शुरू हो गई है, लेकिन अब डेंगू और चिकनगुनिया का सीजन शुरू हो गया है।

बीमारी पिछले साल (केस) इस साल (केस)
H1N1 (स्वाइन फ्लू) 41 113
मलेरिया 3,115 3,681
डेंगू 734 938
लेप्टोस्पायरोसिस 136 157
चिकनगुनिया 179 31
गैस्ट्रोएन्टराइटिस 4,831 3,866

फोर्टिस हॉस्पिटल की डॉक्टर अनीता मैथ्यू और अमृता हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रदीप बाजद ने सलाह दी है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है। उन्होंने लोगों को हाथ साफ रखने, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने, वेंटिलेशन का ध्यान रखने और जरूरत पड़ने पर वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है। साथ ही, बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं लेने से मना किया गया है। बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने को कहा गया है।