Maharashtra: मुंबई के सरकारी जमीन पर बने 16 पुराने जिमखानों के लिए अब नियम बदलने वाले हैं। महाराष्ट्र सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर इन क्लबों को अपनी लीज रिन्यू करानी है, तो उन्हें सरकार की कड़ी शर्तें माननी होंगी। इसमे
Maharashtra: मुंबई के सरकारी जमीन पर बने 16 पुराने जिमखानों के लिए अब नियम बदलने वाले हैं। महाराष्ट्र सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर इन क्लबों को अपनी लीज रिन्यू करानी है, तो उन्हें सरकार की कड़ी शर्तें माननी होंगी। इसमें सबसे बड़ी शर्त यह है कि जिमखानों की मैनेजमेंट कमेटी में अब जिला कलेक्टर की एंट्री होगी और उनकी बातें मानना अनिवार्य होगा।
सरकार ने जिमखानों के लिए क्या शर्तें रखी हैं
महाराष्ट्र सरकार अब इन क्लबों के कामकाज में अपनी भूमिका बढ़ाना चाहती है। नए प्रस्ताव के मुताबिक, जिला कलेक्टर को मैनेजमेंट कमेटी में एक सीट देनी होगी। कलेक्टर द्वारा दिए गए सुझावों और सिफारिशों को मानना क्लबों के लिए जरूरी होगा। साथ ही, किसी भी इमरजेंसी या सरकारी पब्लिक प्रोग्राम के लिए सरकार इन जिमखानों के परिसर का इस्तेमाल कर सकेगी।
इन कमियों की वजह से बढ़ी सरकार की सख्ती
कोंकण डिविजनल कमिश्नर Rubal Agarwal की कमेटी ने जब इन 16 जिमखानों का निरीक्षण किया, तो कई गड़बड़ियां सामने आईं। जांच में पता चला कि कई क्लब साल में तय 45 दिनों से ज्यादा समय तक कमर्शियल इवेंट्स कर रहे थे। इसके अलावा, बुकिंग के लिए ऑनलाइन पोर्टल न बनाना और महाराष्ट्र के खेल खिलाड़ियों को मेंबरशिप न देना भी बड़ी खामियां पाई गईं। राजस्व मंत्री Chandrashekhar Bawankule ने मई 2026 में इन गाइडलाइन्स को फाइनल करने के लिए बैठक की थी।
किन जिमखानों पर पड़ेगा असर
इस फैसले का असर मुंबई के उन सभी 16 जिमखानों पर पड़ेगा जो सरकारी जमीन पर स्थित हैं। इनमें Bombay, Hindu, Islam, Parsee और Wodehouse जैसे सदी पुराने क्लब शामिल हैं। सरकार ने जुलाई 2025 में भी कुछ शर्तें जारी की थीं, जिनका पालन न करने वाले क्लब अब मुश्किल में हैं। यह कदम BMC द्वारा महालक्ष्मी रेसकोर्स के एक हिस्से को पब्लिक पार्क में बदलने के बाद उठाया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सरकार जिमखानों की लीज रिन्यू करने के लिए क्या मुख्य शर्त रख रही है?
सरकार की मुख्य शर्त यह है कि जिमखानों की मैनेजमेंट कमेटी में जिला कलेक्टर को जगह दी जाए और उनके सुझावों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।
जिमखानों के खिलाफ किन नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है?
जांच में पाया गया कि क्लबों ने साल में 45 दिन की तय सीमा से ज्यादा कमर्शियल इवेंट किए, ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल नहीं बनाया और पात्र खेल हस्तियों को सदस्यता नहीं दी।