Maharashtra: मुंबई के जमीन के नीचे मौजूद पानी (groundwater) को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सरकारी एजेंसी GSDA ने शहर के एक्विफर्स को ‘Safe’ बताया है, लेकिन साथ ही यह भी माना है कि उनके पास अवैध बोरवेल
Maharashtra: मुंबई के जमीन के नीचे मौजूद पानी (groundwater) को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सरकारी एजेंसी GSDA ने शहर के एक्विफर्स को ‘Safe’ बताया है, लेकिन साथ ही यह भी माना है कि उनके पास अवैध बोरवेल और पानी के टैंकरों से होने वाली निकासी का कोई डेटा नहीं है। इस विरोधाभास की वजह से अब शहर के जल स्तर और भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।
GSDA की रिपोर्ट पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
Groundwater Surveys and Development Agency (GSDA) ने 2024-25 के आकलन में मुंबई को सुरक्षित श्रेणी में रखा। हालांकि, एक्टिविस्ट सुरेशकुमार ढोका और अन्य एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह रिपोर्ट अधूरी है। उनका दावा है कि जब सरकार के पास कमर्शियल टैंकरों और अवैध बोरवेल की जानकारी ही नहीं है, तो पानी के स्तर को ‘Safe’ कैसे बताया जा सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जरूरत से ज्यादा पानी निकालने की वजह से अब समुद्र का खारा पानी जमीन के अंदर जा रहा है, जिससे जमीन बंजर हो सकती है।
अवैध बोरवेल और नियमों की क्या है स्थिति?
अप्रैल 2026 में अधिकारियों ने माना था कि मुंबई के उपनगरों में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से पानी निकाला जा रहा है, लेकिन किसी पर FIR दर्ज नहीं हुई। BMC के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 385 ऐसे कुएं मिले हैं जो बिना CGWA के NOC के कमर्शियल काम कर रहे हैं। महाराष्ट्र ग्राउंडवाटर एक्ट 2009 होने के बावजूद इसके नियम नहीं बने हैं, जिससे यह कानून कमजोर पड़ गया है। नियमों के उल्लंघन पर 10,000 रुपये से 25,000 रुपये तक का जुर्माना और 6 महीने की जेल का प्रावधान है, लेकिन सख्ती कम दिख रही है।
NGT और कोर्ट का इस पर क्या कहना है?
National Green Tribunal (NGT) ने महाराष्ट्र सरकार को अवैध पानी निकासी पर लगाम न लगाने के लिए फटकार लगाई है। NGT ने आदेश दिया है कि पानी के टैंकरों की GPS ट्रैकिंग अनिवार्य की जाए और अवैध निकासी को दंडनीय अपराध माना जाए। वहीं, एक्टिविस्ट सुरेशकुमार ढोका ने इस मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट ले जाने की तैयारी की है ताकि नियमों को सख्ती से लागू किया जा सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में भूजल निकासी के लिए कौन सा विभाग जिम्मेदार है?
कमर्शियल निकासी के लिए Central Ground Water Authority (CGWA) से NOC लेना जरूरी है। जमीन पर कार्रवाई की जिम्मेदारी जिला मजिस्ट्रेट, कलेक्टर और एसडीएम जैसे राजस्व अधिकारियों की होती है।
अवैध बोरवेल चलाने पर क्या सजा हो सकती है?
महाराष्ट्र ग्राउंडवाटर एक्ट के तहत पहली बार गलती करने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना और दोबारा गलती करने पर 25,000 रुपये जुर्माना या 6 महीने की जेल हो सकती है।