Mumbai के सरकारी अस्पतालों में बढ़ सकते हैं OPD के घंटे, भीड़ कम करने के लिए DMER ने बनाई 12 सदस्यीय कमेटी
Maharashtra: मुंबई के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है। Directorate of Medical Education and Research (DMER) ने एक 12 सदस्य वाली कमेटी बनाई है, जो यह देखेगी कि क्या आउट-पेशेंट विभा
Maharashtra: मुंबई के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है। Directorate of Medical Education and Research (DMER) ने एक 12 सदस्य वाली कमेटी बनाई है, जो यह देखेगी कि क्या आउट-पेशेंट विभाग (OPD) के समय को बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल OPD सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलती है, जिसे अब आगे बढ़ाने पर विचार हो रहा है।
अक्सर देखा गया है कि दोपहर 12 बजे के बाद जब OPD काउंटर बंद हो जाते हैं, तो मरीज सीधे इमरजेंसी (Casualty) विभाग में पहुँच जाते हैं। इस वजह से इमरजेंसी वार्ड में बहुत ज्यादा भीड़ हो जाती है, जिससे गंभीर मरीजों के इलाज में दिक्कत आती है। इस समस्या को रोकने के लिए ही यह कदम उठाया गया है।
इस कमेटी की कमान DMER के जॉइंट डायरेक्टर डॉ. सुधीर मेढेकर संभाल रहे हैं। कमेटी में JJ हॉस्पिटल, GMC नागपुर और ससून हॉस्पिटल जैसे बड़े मेडिकल कॉलेजों के डीन शामिल हैं। साथ ही, महाराष्ट्र स्टेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन और महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) के प्रतिनिधि भी इस चर्चा का हिस्सा हैं। डॉ. मेढेकर ने बताया कि कमेटी अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी, हालांकि रिपोर्ट जमा करने की कोई तय तारीख अभी तय नहीं है।
MARD के अध्यक्ष डॉ. अथर्व शिंदे ने एक जरूरी बात उठाई है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर OPD और इमरजेंसी का काम रेजिडेंट डॉक्टर ही संभालते हैं। MARD ने मांग की है कि अगर OPD का समय बढ़ाया जाता है, तो नियमों के मुताबिक प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे सीनियर फैकल्टी मेंबर्स की मौजूदगी भी पूरी अवधि के दौरान सुनिश्चित की जाए। फिलहाल कमेटी सभी स्तर के डॉक्टरों से फीडबैक ले रही है और MARD अपने स्थानीय पदाधिकारियों से सलाह मशवरा करने के बाद अपनी सिफारिशें देगा।