Maharashtra: मुंबई में सरकारी जमीन पर बने 16 पुराने और ऐतिहासिक क्लबों (Gymkhanas) के लिए अब नियम कड़े होने वाले हैं। महाराष्ट्र सरकार इन क्लबों पर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहती है ताकि इन जमीनों का इस्तेमाल आम जनता के फायद
Maharashtra: मुंबई में सरकारी जमीन पर बने 16 पुराने और ऐतिहासिक क्लबों (Gymkhanas) के लिए अब नियम कड़े होने वाले हैं। महाराष्ट्र सरकार इन क्लबों पर अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहती है ताकि इन जमीनों का इस्तेमाल आम जनता के फायदे के लिए भी हो सके। यह कदम दिल्ली के जिमखाना विवाद के बाद चर्चा में आया है, हालांकि सरकार का कहना है कि इसकी तैयारी पहले से चल रही थी।
नए नियमों के बाद क्या-क्या बदल जाएगा?
सरकार ने लीज रिन्यूअल के लिए कई नई शर्तें रखने का प्रस्ताव दिया है। अब हर जिमखाना की मैनेजमेंट कमेटी में जिला कलेक्टर (District Collector) एक सदस्य के तौर पर शामिल होंगे और उनकी सलाह मानना क्लबों के लिए जरूरी होगा। साथ ही, कलेक्टर हर साल कम से कम 5 लोगों के नाम परमानेंट मेंबरशिप के लिए रिकमेंड कर सकेंगे।
सरकारी इस्तेमाल और पैसों का नया हिसाब
अब इन क्लबों की जमीनों का इस्तेमाल साल में 5 दिन तक सरकारी कार्यक्रमों और पब्लिक इवेंट्स के लिए किया जा सकेगा। चुनाव या किसी प्राकृतिक आपदा जैसी इमरजेंसी में भी सरकार इन जगहों का उपयोग कर सकेगी। पैसों के मामले में अब लीज का किराया बढ़ाया जा सकता है और इवेंट कराने के लिए 50 हजार से लेकर 1.5 लाख रुपये तक का लाइसेंस शुल्क देना होगा।
किन क्लबों पर होगा असर और क्या है विवाद?
इस नई पॉलिसी का असर Bombay Gymkhana, Islam Gymkhana, Parsee Gymkhana और Hindu Gymkhana जैसे बड़े क्लबों पर पड़ेगा। ORF की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई की कुल खुली जगहों का लगभग पांचवां हिस्सा इन एलीट क्लबों के पास है। वहीं, कुछ वकीलों का मानना है कि मैनेजमेंट में सरकारी दखल कानूनी सवाल खड़े कर सकता है, जबकि सरकार का कहना है कि जमीन सरकारी है इसलिए उसका सार्वजनिक लाभ होना चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई के जिमखानों के लिए सरकार ने कौन से नए नियम प्रस्तावित किए हैं?
प्रस्तावित नियमों में जिला कलेक्टर को मैनेजमेंट कमेटी का सदस्य बनाना, साल में 5 सदस्यों की सिफारिश करना और साल में 5 दिन सरकारी कार्यक्रमों के लिए जगह देना शामिल है।
क्या इन क्लबों को अब इवेंट कराने के लिए पैसे देने होंगे?
हाँ, नए प्रस्ताव के अनुसार जिमखानों को इवेंट होस्ट करने के लिए 50,000 रुपये से 1.5 लाख रुपये प्रतिदिन का लाइसेंस शुल्क देना पड़ सकता है।