Mumbai के Govandi में स्कूल तोड़ने पर High Court ने लगाई रोक, लेकिन एक मंजिल पहले ही गिर चुकी है
Maharashtra/Mumbai: गोवंडी के शिवाजीनगर इलाके में एक स्कूल को गिराने की कार्रवाई के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्टे ऑर्डर दे दिया है। BMC की टीम ने जब demolition शुरू किया, तो तीन मंजिला इमारत की एक मंजिल पहले ही गिरा दी गई
Maharashtra/Mumbai: गोवंडी के शिवाजीनगर इलाके में एक स्कूल को गिराने की कार्रवाई के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्टे ऑर्डर दे दिया है। BMC की टीम ने जब demolition शुरू किया, तो तीन मंजिला इमारत की एक मंजिल पहले ही गिरा दी गई थी। अब कोर्ट के आदेश के बाद बाकी के हिस्से को तोड़ने का काम रोक दिया गया है।
यह पूरा मामला तहजीब इस्लामिक इंग्लिश स्कूल का है। BMC ने 7 जुलाई 2026 को इस स्कूल को अनधिकृत बताते हुए इसे गिराने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ स्कॉलर एजुकेशन ट्रस्ट ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस मकरंद कर्णिक और जस्टिस श्रीराम मोदक की बेंच ने स्कूल को सीमित सुरक्षा देते हुए अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 तक के लिए टाल दी है।
BMC के M-East वार्ड के असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर उज्जवल इंगोले ने बताया कि स्टे ऑर्डर मिलने से पहले एक मंजिल गिराई जा चुकी थी। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया था। शिक्षा विभाग के निसार खान के मुताबिक, स्कूल मैनेजमेंट ने पुष्टि की थी कि करीब 250 छात्रों को दूसरे मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिफ्ट कर दिया गया है।
दूसरी तरफ, स्कूल चलाने वाले ट्रस्ट और स्लम प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की शबाना खान ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मानसून के दौरान स्कूल तोड़ना गलत है और यह सुप्रीम कोर्ट के नियमों का उल्लंघन है। याचिका में इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कार्रवाई बताया गया है।
BMC अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि अकेले M-East वार्ड में ऐसे 64 अनधिकृत स्कूल हैं। प्रशासन का कहना है कि शिक्षा विभाग से मंजूरी मिलने के बाद अन्य अवैध स्कूलों के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी।