Maharashtra: मुंबई के Goregaon इलाके में 248 करोड़ रुपये की लागत से बना Mrinaltai Gore फ्लाईओवर एक्सटेंशन शनिवार शाम को जनता के लिए खोल दिया गया। लेकिन खुलने के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर वाहन चालकों ने सड़क की सतह
Maharashtra: मुंबई के Goregaon इलाके में 248 करोड़ रुपये की लागत से बना Mrinaltai Gore फ्लाईओवर एक्सटेंशन शनिवार शाम को जनता के लिए खोल दिया गया। लेकिन खुलने के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर वाहन चालकों ने सड़क की सतह को ऊबड़-खाबड़ बताते हुए शिकायतें शुरू कर दीं। लोगों ने सड़क पर पैचवर्क और खराब काम के वीडियो शेयर किए, जिसके बाद अब मेयर Ritu Tawde सोमवार को मौके पर जाकर जांच करेंगी।
BMC ने सड़क की हालत पर क्या सफाई दी?
BMC ने इन शिकायतों को खारिज करते हुए कहा कि यह कोई खराबी नहीं है। विभाग के मुताबिक, सड़क पर 40mm मोटी mastic asphalt की परत बिछाई गई है, जो शुरू में खुरदरी और पैच वाली दिखती है। BMC का कहना है कि जब इस पर गाड़ियों का चलना शुरू होगा, तो तापमान और दबाव की वजह से यह अपने आप चिकनी और एक समान हो जाएगी। सड़क पर जो छोटे पत्थर दिख रहे हैं, वे ग्रिप बनाने और गाड़ियों को फिसलने से रोकने के लिए जानबूझकर डाले गए हैं।
मेयर और विपक्षी नेताओं का क्या कहना है?
मेयर Ritu Tawde ने साफ किया है कि अगर जांच में काम घटिया पाया गया, तो ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वह इस मामले में IIT Bombay से तकनीकी ऑडिट कराने, ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और पेमेंट रोकने जैसे कदम उठा सकती हैं। वहीं, आदित्य ठाकरे, वर्षा गायकवाड़ और अनीश गावंडे जैसे नेताओं ने भी प्रोजेक्ट की क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने इस पूरे प्रोजेक्ट की देरी और खर्च पर व्हाइट पेपर जारी करने की मांग की है।
प्रोजेक्ट से जुड़ी कुछ जरूरी बातें
- फ्लाईओवर की कुल लंबाई 750 मीटर है और लागत 248 करोड़ रुपये आई है।
- इसका काम मार्च 2019 में शुरू हुआ था, लेकिन कोविड और डिजाइन बदलाव के कारण देरी हुई।
- ठेकेदार M/s MEPL–Gyan JV ने काम समय पर पूरा नहीं किया, जिसके लिए उन पर 26 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
- काम पूरा करने की आखिरी तारीख 30 अप्रैल 2026 थी, जबकि यह 26 मई 2026 को पूरा हुआ।
Frequently Asked Questions (FAQs)
फ्लाईओवर की सड़क ऊबड़-खाबड़ क्यों दिख रही है?
BMC के अनुसार, इसमें इस्तेमाल की गई mastic asphalt परत शुरू में खुरदरी दिखती है, लेकिन ट्रैफिक के दबाव और तापमान से यह धीरे-धीरे स्मूथ हो जाती है।
अगर काम खराब निकला तो क्या कार्रवाई होगी?
मेयर Ritu Tawde ने कहा है कि खराब काम मिलने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है, पेमेंट रोका जा सकता है और IIT Bombay से ऑडिट कराया जा सकता है।