Maharashtra: मुंबई के गोराई में बना मैंग्रोव इको पार्क तैयार होने के करीब एक साल बाद भी जनता के लिए नहीं खुला है। प्रशासन ने इसे पूरा बता दिया था, लेकिन अब तक इसका उद्घाटन नहीं हुआ है। इस देरी की वजह से स्थानीय लोग, शिक्
Maharashtra: मुंबई के गोराई में बना मैंग्रोव इको पार्क तैयार होने के करीब एक साल बाद भी जनता के लिए नहीं खुला है। प्रशासन ने इसे पूरा बता दिया था, लेकिन अब तक इसका उद्घाटन नहीं हुआ है। इस देरी की वजह से स्थानीय लोग, शिक्षक और पर्यावरण प्रेमी काफी निराश हैं, क्योंकि वे इसे पर्यावरण शिक्षा और पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में देख रहे थे।
पार्क खुलने में इतनी देरी क्यों हो रही है?
इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 33.43 करोड़ रुपये खर्च किए गए और इसे 8 हेक्टेयर में फैलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पार्क पूरी तरह तैयार है और बस उद्घाटन की औपचारिकताएं बाकी हैं। कुछ अधिकारियों ने यह भी माना कि उन्हें देरी की सटीक वजह नहीं पता और फैसला मंत्रालय स्तर पर होना है। अप्रैल 2026 में वन विभाग ने बताया था कि मंत्रियों और बड़े अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण तारीख तय नहीं हो पा रही है।
नेताओं और विशेषज्ञों ने क्या कहा?
स्थानीय MLA Sanjay Upadhyay ने 9 मई 2026 को पार्क का निरीक्षण किया और कहा कि बचे हुए छोटे-मोटे काम 5 दिनों में पूरे हो जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सबके शेड्यूल मिलाकर इसे खोल दिया जाएगा। वहीं, पूर्व मंत्री Aaditya Thackeray ने वन मंत्री Ganesh Naik को पत्र लिखकर पार्क को तुरंत खोलने की मांग की है। पर्यावरण विशेषज्ञ Milli Shetty और Zoru Bhathena ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि संरक्षण के प्रोजेक्ट्स को खोलने में बहुत समय लगता है, जबकि मैंग्रोव को नुकसान पहुंचाने वाले काम तेजी से होते हैं।
प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें
- बजट: 33.43 करोड़ रुपये
- क्षेत्रफल: करीब 8 हेक्टेयर
- निगरानी: IIT Bombay ने तकनीकी ऑडिट किया
- उद्देश्य: मैंग्रोव के जरिए पारिस्थितिक संतुलन को समझाना
- फंडिंग: जिला योजना और विकास परिषद (DPDC) द्वारा
Frequently Asked Questions (FAQs)
Gorai Mangrove Park कब खुलेगा?
MLA संजय उपाध्याय के अनुसार 9 मई को निरीक्षण के बाद बचे हुए काम 5 दिनों में पूरे होंगे और जल्द ही इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
पार्क के निर्माण में किन संस्थाओं ने मदद की?
इसे महाराष्ट्र वन विभाग के मैंग्रोव सेल ने बनाया है, फंड DPDC ने दिया और डिजाइन व निर्माण की निगरानी IIT Bombay ने की है।