Mumbai-Goa NH66 पर सफर हुआ आसान, लेकिन कई जगह खराब सड़कें और लैंडस्लाइड का खतरा; यात्री रहें सावधान

Maharashtra: मुंबई से गोवा जाने वाले लोगों के लिए NH66 हाईवे से जुड़ी कुछ जरूरी अपडेट्स सामने आई हैं। हाल ही में एक यात्री ने इस रूट पर सफर किया और बताया कि ट्रैफिक काफी कम था, जिससे समय की बचत हुई। हालांकि, मानसून की वज

Maharashtra: मुंबई से गोवा जाने वाले लोगों के लिए NH66 हाईवे से जुड़ी कुछ जरूरी अपडेट्स सामने आई हैं। हाल ही में एक यात्री ने इस रूट पर सफर किया और बताया कि ट्रैफिक काफी कम था, जिससे समय की बचत हुई। हालांकि, मानसून की वजह से रास्ते में कई जगह चुनौतियां भी बनी हुई हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है।

एक यात्री के अनुभव के मुताबिक, दादर से मपुसा तक का सफर करीब 9 घंटे 15 मिनट में पूरा हुआ। वहीं वापसी में मपुसा से दादर तक 10 घंटे 25 मिनट का समय लगा। उन्होंने बताया कि नई सड़कें बनने की वजह से समय कम लगा है, लेकिन कुछ हिस्सों में सड़क की हालत बहुत खराब है। कंक्रीट बहुत ज्यादा खुरदरा है और फ्लाईओवरों के जोड़ काफी झटके देते हैं। साथ ही, रास्ते में कई ऐसे स्पीड ब्रेकर हैं जिन पर कोई निशान नहीं बने हैं, जिससे दुर्घटना का डर रहता है। Mangaon बाईपास और Mahad के पास फ्लाईओवर का काम अभी चल रहा है, जिसे गणपति उत्सव से पहले पूरा करने की उम्मीद है।

दूसरी तरफ, मानसून ने इस हाईवे पर काफी असर डाला है। NHAI और स्थानीय प्रशासन ने बताया कि Kashedi Ghat में लैंडस्लाइड के बाद मलबा हटाने का काम लगातार चला। 7 जुलाई को रायगढ़ जिले में भारी बारिश की वजह से Kharoshi Phata, Wakan Phata और Sukeli Ghat जैसे इलाकों में पानी भर गया था, जिसके कारण हाईवे पुलिस ने ट्रैफिक को कुछ समय के लिए रोका था। इससे पहले Chiplun के पास लैंडस्लाइड की वजह से ट्रैफिक 12 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा था।

हाईवे के निर्माण को लेकर भी काफी चर्चा है। महाराष्ट्र सरकार ने इस 434 किलोमीटर लंबे हाईवे को पूरा करने की समय सीमा मार्च 2026 तय की थी। केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने इसे 31 मई 2026 तक पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन यह डेडलाइन निकल चुकी है। PWD के मुताबिक हाईवे 95% पूरा हो चुका है, लेकिन Panvel से Indapur के बीच का 84 किलोमीटर का हिस्सा अभी 73.1% ही पूरा हुआ है। उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar ने भरोसा दिया है कि Panvel से Mahad के बीच जो काम NHAI के दायरे में नहीं है, उसे राज्य सरकार के फंड से पूरा किया जाएगा।