Maharashtra: मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास चलने वाली डीजल नावों को अब इलेक्ट्रिक नावों में बदला जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर महाराष्ट्र सरकार ने यह कदम उठाया है। मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्
Maharashtra: मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास चलने वाली डीजल नावों को अब इलेक्ट्रिक नावों में बदला जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील पर महाराष्ट्र सरकार ने यह कदम उठाया है। मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राने ने इस योजना को लागू करने के लिए मुंबई बैंक के चेयरमैन प्रवीन दरेकर के साथ बैठक की है।
नाव मालिकों को कैसे मिलेगी मदद और लोन
सरकार इस बदलाव को धीरे-धीरे लागू करेगी ताकि नाव मालिकों पर बोझ न पड़े। मुंबई डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक को एक खास पॉलिसी बनाने को कहा गया है। इसके तहत निजी नाव मालिकों, सहकारी समितियों और व्यक्तिगत लाभार्थियों को कम ब्याज दर पर लोन दिया जाएगा। मंत्री नितेश राने ने बताया कि इससे नाव मालिकों को सरकारी सब्सिडी और योजनाओं का लाभ लेना आसान होगा।
कितना होगा खर्च और क्या है पायलट प्रोजेक्ट
गेटवे ऑफ इंडिया क्षेत्र में फिलहाल करीब 97 लाइसेंस वाली लकड़ी की नावें चल रही हैं। इन नावों के मालिकों का डीजल पर हर महीने करीब 1 लाख रुपये तक का खर्च आता है। एक इलेक्ट्रिक नाव की कीमत 2.5 करोड़ से 6 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए पहले 25 लाभार्थियों को चुना जाएगा, जिनमें से शुरुआती 5 नावों को पायलट बेसिस पर इलेक्ट्रिक किया जाएगा।
कोली समुदाय और पर्यटन पर क्या असर होगा
मुंबई बैंक के चेयरमैन प्रवीन दरेकर के मुताबिक इस पहल से मुंबई के पारंपरिक कोली समुदाय का आधुनिकीकरण होगा। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि ईंधन की बचत होगी और वाटर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। बैंक की अगली बोर्ड मीटिंग में इस विशेष लोन पॉलिसी को मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गेटवे ऑफ इंडिया की नावों को इलेक्ट्रिक बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका मुख्य उद्देश्य पीएम मोदी की अपील पर ईंधन बचाना, पर्यावरण को सुरक्षित रखना और नाव मालिकों के डीजल पर होने वाले भारी खर्च को कम करना है।
नाव मालिकों को लोन और आर्थिक सहायता कौन देगा
मुंबई डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक एक विशेष कम ब्याज वाली लोन स्कीम तैयार कर रहा है, जिससे नाव मालिकों को इलेक्ट्रिक नावों में बदलाव के लिए वित्तीय मदद मिलेगी।