Maharashtra: मुंबई के साकी नाका इलाके में एक गार्मेंट वर्कर के साथ साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले 32 साल के इस व्यक्ति ने फेसबुक चलाते समय एक संदिग्ध फोटो पर क्लिक किया, जिसके बाद उसका फो
Maharashtra: मुंबई के साकी नाका इलाके में एक गार्मेंट वर्कर के साथ साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले 32 साल के इस व्यक्ति ने फेसबुक चलाते समय एक संदिग्ध फोटो पर क्लिक किया, जिसके बाद उसका फोन गर्म होकर हैंग हो गया और बैंक खाते से 70,000 रुपये कट गए। पीड़ित की शिकायत पर साकी नाका पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुआ यह साइबर फ्रॉड और क्या था मामला
घटना 18 मई की है जब पीड़ित अपने काम के दौरान फेसबुक ब्राउज कर रहा था। उसने एक ऐसी इमेज पर क्लिक किया जिसमें मैलिशियस कोड था। इसके तुरंत बाद उसका मोबाइल फोन गर्म होने लगा और स्क्रीन फ्रीज हो गई। इसी बीच उसके बैंक अकाउंट से पैसे कटने शुरू हो गए। पीड़ित ने 13 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 ने उसे ऑनलाइन शिकायत करने की सलाह दी।
साइबर सुरक्षा के लिए सरकार और पुलिस की क्या है सलाह
गृह मंत्रालय के तहत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने हाल ही में AI और डीपफेक वीडियो के जरिए होने वाले फ्रॉड से बचने की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने लोगों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा है:
- अनजान APK फाइलें डाउनलोड न करें और बिना जांचे कोई ऐप इंस्टॉल न करें।
- WhatsApp पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें और किसी को भी OTP या गूगल वेरिफिकेशन कोड न दें।
- किसी भी सरकारी एजेंसी के नाम पर फोन या वीडियो कॉल के जरिए पैसों की मांग करने वालों से बचें।
- अपने बायोमेट्रिक डेटा और निजी जानकारी को ऑनलाइन शेयर न करें।
साइबर अपराधियों पर पुलिस की कार्रवाई
इसी बीच पिंपरी-चिंचवड साइबर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने सौरभ उर्फ गणेश बालासो काले को गिरफ्तार किया है, जो दुबई और थाईलैंड से करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड सिंडिकेट चला रहा था। इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के बाद उसे बैंकॉक से पकड़कर 11 जून को भारत लाया गया। वह डिजिटल अरेस्ट और फेक शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट जैसे घोटालों में शामिल था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर फ्रॉड होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
APK फाइल डाउनलोड करना क्यों खतरनाक हो सकता है?
अनजान APK फाइलें आपके फोन में मैलवेयर इंस्टॉल कर सकती हैं, जिससे आपका डिवाइस हैक हो सकता है और बैंक खाते की जानकारी चोरी हो सकती है।