Maharashtra: मुंबई की एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के मालिक ने एक ऐसे उम्मीदवार को नौकरी पर रखा जिसे उसकी पिछली कंपनी से निकाल दिया गया था। यह फैसला तब लिया गया जब उस युवक ने इंटरव्यू के शुरुआती 5 मिनट में ही अपनी गलती मा
Maharashtra: मुंबई की एक डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के मालिक ने एक ऐसे उम्मीदवार को नौकरी पर रखा जिसे उसकी पिछली कंपनी से निकाल दिया गया था। यह फैसला तब लिया गया जब उस युवक ने इंटरव्यू के शुरुआती 5 मिनट में ही अपनी गलती मान ली और बिना किसी घुमाव के सच बोल दिया। यह घटना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
इंटरव्यू में क्या हुआ और कैसे मिली नौकरी?
Wizarding Media के फाउंडर Apoorv Jain ने LinkedIn पर बताया कि इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवार ने खुद स्वीकार किया कि उसे पिछली जॉब से निकाल दिया गया था। पहले तो Apoorv को लगा कि इंटरव्यू यहीं खत्म कर देना चाहिए, लेकिन वे युवक की ईमानदारी और अपनी गलती मानने के तरीके से प्रभावित हुए। उम्मीदवार ने पूरी जिम्मेदारी ली और बताया कि उसने अपनी गलतियों से क्या सीखा।
हायरिंग का फैसला और ट्रायल प्रोजेक्ट
Apoorv Jain ने युवक की सच्चाई को उसकी सबसे बड़ी खूबी माना। उन्होंने उसे सीधे नौकरी देने के बजाय एक ट्रायल प्रोजेक्ट दिया। इस प्रोजेक्ट में युवक ने बहुत शानदार काम किया, जिसके बाद उसे कंपनी में शामिल कर लिया गया।
- कंपनी का नाम: Wizarding Media (AI-पावर्ड डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी)
- फाउंडर: Apoorv Jain
- खास वजह: उम्मीदवार की पारदर्शिता और जवाबदेही
- प्रक्रिया: सच बोलने के बाद ट्रायल प्रोजेक्ट और फिर फाइनल हायरिंग