Mumbai में बाढ़ से मिलेगी राहत, फडणवीस सरकार ने किया 13,000 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान का ऐलान
Maharashtra: मुंबई में हर साल होने वाली बारिश और बाढ़ की समस्या को खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा सत्र के दौरान 13,000 करोड़ रुपये के एकीकृत बाढ़ शमन मास्टर
Maharashtra: मुंबई में हर साल होने वाली बारिश और बाढ़ की समस्या को खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा सत्र के दौरान 13,000 करोड़ रुपये के एकीकृत बाढ़ शमन मास्टर प्लान (Integrated Flood Mitigation Master Plan) की घोषणा की। इस योजना का मुख्य मकसद शहर को ‘स्पंज सिटी’ (Sponge City) में बदलना है ताकि बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने के बजाय जमीन सोख ले।
जुलाई 2026 में मानसून की भारी बारिश के कारण Andheri, Kurla, Dadar और Chembur जैसे इलाकों में एक बार फिर जलजमाव देखा गया, जिससे इस योजना की जरूरत और ज्यादा साफ हो गई। इस नए मॉडल में पुराने ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के साथ-साथ प्रकृति आधारित समाधानों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मतलब है कि शहर में ऐसी जगहें बनाई जाएंगी जो पानी को स्टोर कर सकें और उसे जमीन के अंदर भेज सकें।
इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए फंड का इंतजाम तीन हिस्सों में किया गया है। कुल बजट का 40% हिस्सा नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फंड से आएगा, जबकि 30% महाराष्ट्र सरकार और बाकी 30% Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) देगी। इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार और National Disaster Management Authority (NDMA) से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और अब इसकी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।
अतिरिक्त नगर आयुक्त Abhijit Bangar ने बताया कि इस प्लान में इंजीनियरिंग और पर्यावरण दोनों का तालमेल होगा। इसके तहत कुछ मुख्य काम किए जाएंगे:
- स्टॉर्म वॉटर ड्रेन को अपग्रेड किया जाएगा ताकि वे एक घंटे में 55 mm से ज्यादा बारिश को संभाल सकें।
- Mahul और Mogra जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों में पंपिंग क्षमता बढ़ाई जाएगी।
- Mithi नदी के सुधार के काम को जारी रखा जाएगा।
- पानी सोखने के लिए डिटेन्शन-इनफिल्ट्रेशन टैंक, बायो-रिटेंशन पार्क, स्पंज पार्क और पारगम्य फुटपाथ (Permeable Pavements) बनाए जाएंगे।
इस योजना की तैयारी पिछले एक साल से चल रही थी और मार्च 2025 में NDMA की पहली बैठक हुई थी। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को प्रेजेंटेशन दिया गया, जिसके बाद इसे मंजूरी मिली। साथ ही, 2025 में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 में बदलाव कर इसमें ‘डिजास्टर रेजिलिएंस’ को भी जोड़ा गया है ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बेहतर तरीके से लड़ा जा सके।