Mumbai में मोनोरेल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए 13 फायर कर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक, लिस्ट में CFO भी शामिल

Maharashtra: मुंबई फायर ब्रिगेड के 13 अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर राष्ट्रपति वीरता पदक (President’s Medal for Gallantry) देने की घोषणा की गई है। यह सम्मान उन्हें पिछले साल 19 अगस्त 2025 क

Maharashtra: मुंबई फायर ब्रिगेड के 13 अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर राष्ट्रपति वीरता पदक (President’s Medal for Gallantry) देने की घोषणा की गई है। यह सम्मान उन्हें पिछले साल 19 अगस्त 2025 को मोनोरेल में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दिया गया है। इस लिस्ट में मुंबई फायर ब्रिगेड के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) भी शामिल हैं।

यह पूरा मामला पिछले साल का है जब भक्ति पार्क और मैसूर कॉलोनी स्टेशनों के बीच एक मोनोरेल ट्रेन तकनीकी खराबी और पावर कट की वजह से रुक गई थी। भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेनें बंद थीं, जिससे मोनोरेल में बहुत ज्यादा भीड़ हो गई थी। ट्रेन करीब 40 से 50 फीट की ऊंचाई पर अटक गई थी, जिससे यात्रियों में घबराहट फैल गई और कुछ लोग बेहोश भी हो गए थे। मुंबई के चीफ फायर ऑफिसर रविंद्र अंबुल्गेकर ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा और मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन बताया था क्योंकि ट्रेन एक तरफ झुकी हुई थी।

गृह मंत्रालय ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान कुल 782 यात्रियों को बचाया गया, जिनमें से 582 यात्री उसी ट्रेन में थे जो मैसूर कॉलोनी और भक्ति पार्क के बीच फंसी थी। इस वीरतापूर्ण कार्य के लिए विखरोली, दादर, फोर्ट, चेंबूर और वडाला फायर स्टेशनों के कर्मियों को चुना गया है।

नाम पद/भूमिका
आर एन अंबुल्गेकर असिस्टेंट डिविजनल फायर ऑफिसर (CFO)
ए वी पवार (अनिल वसंत परब) डेप्युटी असिस्टेंट डिविजनल फायर ऑफिसर
एम के सावंत (मनोज विश्वनाथ सावंत) डिविजनल फायर ऑफिसर
आई के कांबले (ईश्वर खंडू कांबले) स्टेशन ऑफिसर
वी एच पवार (योगेश हिरलाल पवार) स्टेशन ऑफिसर
डी ए भोसले (दत्तात्रय अशोक भोसले) स्टेशन ऑफिसर
राजेश विष्णु राणे मशीन ऑपरेटर
महेश आनंद गुडाल्कर मशीन ऑपरेटर
रमेश जीवन कोली फायरमैन
हर्षल शंकर कतके फायरमैन
चिंतामणि शिवाजी खंडekar फायरमैन
विक्की नागेश सरवदे फायरमैन
सुदर्शन घनश्याम पावड़े फायरमैन

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्वतंत्रता दिवस 2026 पर देशभर के पुलिस, फायर, होम गार्ड और सिविल डिफेंस के कर्मियों के लिए कुल 1,057 वीरता और सेवा पदक घोषित किए हैं। इनमें से 301 वीरता पदक हैं, जिनमें से 29 फायर सर्विस के जवानों को मिले हैं। अकेले महाराष्ट्र के हिस्से 82 पदक आए हैं, जिनमें 33 वीरता पदक शामिल हैं।