Mumbai Fire Brigade में रचा इतिहास, पल्लवी पाटिल बनीं पहली महिला ड्राइवर-ऑपरेटर

Maharashtra/Mumbai: मुंबई की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर अब आग बुझाने वाली गाड़ियों की स्टीयरिंग किसी महिला के हाथ में नजर आएगी। मुंबई फायर ब्रिगेड ने 29 साल की पल्लवी पाटिल को अपना पहला महिला ड्राइवर-कम-ऑपरेटर नियुक्त किया

Maharashtra/Mumbai: मुंबई की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर अब आग बुझाने वाली गाड़ियों की स्टीयरिंग किसी महिला के हाथ में नजर आएगी। मुंबई फायर ब्रिगेड ने 29 साल की पल्लवी पाटिल को अपना पहला महिला ड्राइवर-कम-ऑपरेटर नियुक्त किया है। यह इस विभाग के सौ साल से ज्यादा पुराने इतिहास में पहली बार हुआ है।

पल्लवी पाटिल साल 2017 में फायरवुमन के तौर पर इस विभाग से जुड़ी थीं। उन्होंने अपनी ड्राइविंग की ट्रेनिंग गोरेगांव के दिंदोशी फायर स्टेशन से पूरी की और अब उनकी तैनाती बांद्रा (पश्चिम) फायर स्टेशन में की गई है। पल्लवी को ड्राइविंग का काफी शौक था और उनके पिता ने उन्हें इस करियर के लिए प्रेरित किया।

इस पद पर पहुंचने के लिए पल्लवी को RTO के जरिए ड्राइविंग स्किल टेस्ट पास करना पड़ा, जिसमें 100 में से कम से कम 60 अंक लाना जरूरी था। इसके अलावा महिला फायरफाइटर्स के लिए ऊंचाई कम से कम 162 सेंटीमीटर और वजन 50 किलोग्राम होना अनिवार्य है। पल्लवी ने बताया कि जब वह वर्दी पहनकर घर से निकलती हैं, तो उनका पूरा ध्यान केवल आग में फंसे लोगों की जान बचाने पर होता है।

पल्लवी के लिए यह सफर आसान नहीं था क्योंकि उन्हें अपने छह साल के बेटे यथार्थ को छोड़कर ड्यूटी पर जाना पड़ता है। दिलचस्प बात यह है कि उनके पति समधन पाटिल भी फायर इंजन ड्राइवर हैं। पल्लवी अब तक अपनी नई भूमिका में तीन आपातकालीन कॉल पर जा चुकी हैं। वह बताती हैं कि ड्राइवर-ऑपरेटर के तौर पर उन्हें फायरफाइटर्स के साथ तालमेल बिठाना होता है और जरूरत के हिसाब से पानी के प्रेशर को एडजस्ट करना पड़ता है।

मुंबई फायर ब्रिगेड में वर्तमान में 116 महिला फायरफाइटर्स तैनात हैं। हालांकि एक और महिला ने ड्राइविंग के लिए क्वालीफाई किया है, लेकिन वह मैटरनिटी लीव पर होने के कारण पल्लवी ही फिलहाल पहली एक्टिव महिला ड्राइवर-ऑपरेटर हैं। गौरतलब है कि 26/11 के आतंकी हमलों के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड में महिलाओं को शामिल करने की पहल शुरू की गई थी।