Mumbai में चुनाव ड्यूटी से गायब रहने वाले 2 सरकारी कर्मचारियों पर FIR, BKC पुलिस ने शुरू की जांच

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) काम में लापरवाही बरतने वाले दो सरकारी अधिकारियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। BKC पुलिस ने सोमवार को MSEDCL और BMC के अधिकारियों के खिलाफ

Maharashtra/Mumbai: मुंबई में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) काम में लापरवाही बरतने वाले दो सरकारी अधिकारियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। BKC पुलिस ने सोमवार को MSEDCL और BMC के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की क्योंकि उन्होंने चुनाव संबंधी अपनी ड्यूटी पूरी नहीं की।

यह कार्रवाई डिप्टी तहसीलदार (इलेक्शन) युवराज गडवी की शिकायत के बाद हुई है। शिकायत में बताया गया कि मनोज कुलकर्णी, जो MSEDCL में डिप्टी मैनेजर (फाइनेंस एंड अकाउंट्स) हैं और अतुल वाघमारे, जो BMC के सीवेज विभाग में एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट हैं, उन्हें चुनाव ड्यूटी के लिए उनके नियमित काम से छुट्टी दी गई थी। इसके बावजूद वे काम पर नहीं पहुंचे।

डिप्टी तहसीलदार ने बताया कि उन्होंने 17 और 18 जून 2026 को संबंधित विभाग के प्रमुखों को व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए नोटिस भेजकर इस लापरवाही की जानकारी दी थी। इसके बाद भी जब अधिकारियों ने ड्यूटी जॉइन नहीं की, तो उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए गए। BKC पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही दोनों अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही साफ कर दिया है कि चुनाव ड्यूटी से शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों को छूट नहीं मिलेगी। रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 की धारा 32 के तहत बिना किसी ठोस वजह के चुनाव ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मियों पर सजा का प्रावधान है। मुंबई सिटी कलेक्टर आंचल गोयल ने भी स्पष्ट किया था कि ड्यूटी से बचने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

चुनाव आयोग के इस स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान का मकसद वोटर लिस्ट को पूरी तरह सही और त्रुटिहीन बनाना है। इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन करते हैं। महाराष्ट्र में यह प्रक्रिया 8 अगस्त 2026 तक चलेगी, जिसके बाद 17 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।