Mumbai की Film City का होगा कायाकल्प, सरकार को मास्टर प्लान सौंपा गया, filmmakers को मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

Maharashtra: मुंबई की मशहूर फिल्म सिटी अब पूरी तरह बदलने वाली है। गोरेगांव में स्थित 521 एकड़ के इस शूटिंग ज़ोन के पुनर्विकास के लिए दादा साहब फाल्के चित्रनगरी की मैनेजिंग डायरेक्टर स्वाति म्हासे-पाटिल ने महाराष्ट्र सरका

Maharashtra: मुंबई की मशहूर फिल्म सिटी अब पूरी तरह बदलने वाली है। गोरेगांव में स्थित 521 एकड़ के इस शूटिंग ज़ोन के पुनर्विकास के लिए दादा साहब फाल्के चित्रनगरी की मैनेजिंग डायरेक्टर स्वाति म्हासे-पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार को ड्राफ्ट मास्टर प्लान सौंपा है। इसके साथ ही फिल्म क्षेत्र के लिए एक नई पॉलिसी का ड्राफ्ट भी सरकार को दिया गया है।

राज्य के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि इस मास्टर प्लान का मकसद फिल्म, टेलीविजन, OTT और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री के लिए दुनिया जैसी बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराना है। नई फिल्म पॉलिसी के जरिए फिल्म जगत को प्रोत्साहन और जरूरी सपोर्ट देने पर जोर दिया जाएगा। इस ड्राफ्ट पॉलिसी की अब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ चर्चा होगी, जिसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

इस बड़े बदलाव के लिए सरकार ने पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। जून 2026 में महाराष्ट्र सरकार ने प्रसार भारती के साथ मिलकर मालाड में करीब 150 एकड़ जमीन पर एक इंटीग्रेटेड फिल्म और टेलीविजन मीडिया हब बनाने के लिए स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाने की मंजूरी दी थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए थे कि इस प्रोजेक्ट और डेवलपमेंट प्लान को जून के अंत तक फाइनल कर लिया जाए।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने अक्टूबर 2025 से एक चार साल का विजन प्लान तैयार किया था, जिसके तहत फिल्म सिटी को एक वर्ल्ड क्लास इकोसिस्टम में बदला जाएगा। इससे न केवल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म निर्माण बढ़ेगा, बल्कि रोजगार, निवेश और फिल्म टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन (CRZ) और नो डेवलपमेंट ज़ोन (NDZ) जैसी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए पूरा सहयोग दिया जाएगा।

पुनर्विकास की राह आसान करने के लिए जून 2021 में शहरी विकास विभाग ने फिल्म सिटी की करीब 130 एकड़ जमीन को नो-डेवलपमेंट ज़ोन से बदलकर इंडस्ट्रियल ज़ोन में शामिल कर लिया था। इससे वहां निर्माण के लिए FSI 1 मिल गया है, जिससे निवेश और निर्माण कार्य में आसानी होगी।