Mumbai में FDA की बड़ी कार्रवाई, मिड-डे मील सप्लायर और Tewari Bros का लाइसेंस सस्पेंड
Maharashtra/Mumbai: मुंबई में खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी और साफ-सफाई को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने शहर के एक मिड-डे मील सप्लायर और मशहूर Tewari Bros Mithaiwala का ला
Maharashtra/Mumbai: मुंबई में खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी और साफ-सफाई को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने शहर के एक मिड-डे मील सप्लायर और मशहूर Tewari Bros Mithaiwala का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। दोनों ही जगहों पर जांच के दौरान साफ-सफाई के गंभीर नियमों की अनदेखी पाई गई। यह कार्रवाई FDA कमिश्नर Tukaram Mundhe के नेतृत्व में चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है।
विक्रोली स्थित Shruti Mahila Audyogik Utpadak Sahakari Sanstha का लाइसेंस सस्पेंड किया गया है। यह संस्था घाटकोपर और विक्रोली के स्कूलों में करीब 3,000 बच्चों को चावल से बनी चीजें सप्लाई करती थी। मामला तब सामने आया जब एक विपक्षी नगरसेवक ने घाटकोपर के एक स्कूल में मिड-डे मील के अंदर कांच के छोटे टुकड़े मिलने की शिकायत की। इसके बाद 31 जुलाई 2026 को जब FDA अधिकारियों ने वहां छापा मारा, तो हालात काफी खराब मिले। कच्चे चावल को बिना किसी पेस्ट कंट्रोल के रखा गया था, किचन के फर्श की हालत खराब थी और पानी रखने वाला प्लास्टिक का कंटेनर भी गंदा था। अधिकारियों ने इसे स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया।
दूसरी तरफ, गिरगांव के चर्नी रोड स्थित Tewari Bros Mithaiwala के आउटलेट पर भी गाज गिरी है। यहां एक ग्राहक प्रनॉय पालव ने शिकायत की थी कि 29 जुलाई को खरीदी गई काजू कतली के अंदर जंग लगा हुआ स्टेपलर पिन निकला। 2 अगस्त 2026 को हुई जांच में दुकान में साफ-सफाई की भारी कमी पाई गई, जिसके बाद उनका FSSAI लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया।
FDA कमिश्नर Tukaram Mundhe ने साफ कहा है कि जनता की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुद्ध भोजन पाना नागरिकों का अधिकार है और जो लोग मिलावट करेंगे या प्रतिबंधित चीजें बेचेंगे, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। इसी कड़ी में बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब सरकारी और अर्ध-सरकारी कैंटीनों की भी जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में ज्यादा फैट, नमक और चीनी वाले फूड आइटम बेचने या बांटने पर भी रोक लगा दी गई है। अब सभी स्कूल फूड सप्लायर्स के लिए FSSAI लाइसेंस होना अनिवार्य कर दिया गया है।