Mumbai में नकली दूध का बड़ा खेल, FDA ने Goregaon, Mulund और Govandi में मारा छापा; 2 गिरफ्तार

Maharashtra: मुंबई के लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। Food and Drug Administration (FDA) ने शहर के गोरेगांव, मुलुंड और गोवंडी इलाकों में छापेमारी कर नकली दूध बनाने और बेचने वाले प

Maharashtra: मुंबई के लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। Food and Drug Administration (FDA) ने शहर के गोरेगांव, मुलुंड और गोवंडी इलाकों में छापेमारी कर नकली दूध बनाने और बेचने वाले प्लांट्स को पकड़ा है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र में दूध और खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है।

FDA की टीम ने गोरेगांव में छापेमारी के दौरान कृष्णा वेंकैया लिंगमपल्ली और रवि कन्हैया पतिपाका नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मौके से करीब 575 लीटर मिलावटी दूध, 224 खाली पाउच और सीलिंग मशीन बरामद की है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत 70,404 रुपये बताई गई है। इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आवश्यक वस्तु अधिनियम और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच में सामने आया कि यह गिरोह Amul Gold, Amul Taaza और Gokul जैसे बड़े ब्रांड्स के दूध के पैकेटों का गलत इस्तेमाल कर रहा था। इनका तरीका यह था कि पहले सील बंद पैकेट खोले जाते थे, फिर उनमें पानी मिलाया जाता था और दोबारा मशीन से सील करके बाजार में बेच दिया जाता था। इसके अलावा, कुछ जगहों पर सिंथेटिक दूध बनाने की यूनिट्स भी मिली हैं, जहां केमिकल, घटिया क्वालिटी के मिल्क पाउडर और डिटर्जेंट का इस्तेमाल किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि पिछले छह महीनों में करीब 2.3 करोड़ लीटर सिंथेटिक दूध बनाया गया।

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने साफ कहा है कि जनता की सेहत से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसे सरप्राइज निरीक्षण जारी रहेंगे। जुलाई 2026 से राज्य में दूध की सप्लाई चेन के नियम कड़े कर दिए गए हैं। अब दूध कलेक्शन सेंटर से लेकर रिटेलर और ट्रांसपोर्टर तक सबकी जवाबदेही तय की गई है। अगर कोई बिना लाइसेंस के काम करता है या मिलावट करता पाया गया, तो उस पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।