Mumbai के Esplanade कोर्ट में जजों की भारी कमी, 9 में से 8 मजिस्ट्रेट हुए प्रमोट, अब एक अकेला संभाल रहा काम
Maharashtra/Mumbai: दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में स्थित Esplanade कोर्ट में जजों की भारी कमी हो गई है। यहाँ तैनात 9 मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट्स में से 8 को एक साथ प्रमोट कर दिया गया है, जिसकी वजह से 19 जून से पूरा कोर्ट
Maharashtra/Mumbai: दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में स्थित Esplanade कोर्ट में जजों की भारी कमी हो गई है। यहाँ तैनात 9 मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट्स में से 8 को एक साथ प्रमोट कर दिया गया है, जिसकी वजह से 19 जून से पूरा कोर्ट सिर्फ एक मजिस्ट्रेट के भरोसे चल रहा है। इससे कोर्ट के कामकाज और आम लोगों के केसों पर बुरा असर पड़ रहा है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 19 जून 2026 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसके तहत इन 8 मजिस्ट्रेट्स को एडहॉक जिला न्यायाधीशों और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों के रूप में प्रमोट किया गया। यह आदेश 23 जून 2026 से लागू हो गया और सभी प्रमोट हुए मजिस्ट्रेट्स ने तुरंत अपना चार्ज सौंप दिया। अब यहाँ सिर्फ एक मजिस्ट्रेट बचा है, जिसे अकेले ही भारी भीड़ और केसों का बोझ संभालना पड़ रहा है।
इस फैसले से वकीलों और जांच एजेंसियों को काफी परेशानी हो रही है। क्राइम ब्रांच, ED, CBI और कस्टम्स जैसी एजेंसियां अब गिरफ्तार आरोपियों को पेश करने के लिए अन्य कोर्ट्स जैसे 28वें कोर्ट या माज़गांव कोर्ट जा रही हैं। वकीलों का कहना है कि अचानक इतने जजों के जाने से केसों की जानकारी मिलने में दिक्कत हो रही है और उन्हें बार-बार अलग-अलग कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय की बर्बादी हो रही है।
प्रमोट होने वाले मजिस्ट्रेट्स की लिस्ट में A K Mandavgade, B N Ichpurani, V R Patil, V V Kulkarni, S K Fokmare, K S Zanwar, S V Nikam और S S Parave शामिल हैं। इनमें से कई अधिकारी चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट और एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पदों पर थे।
मुंबई की अदालतों में जजों की कमी कोई नई बात नहीं है। अप्रैल 2010 में भी बॉम्बे हाई कोर्ट की एक बेंच ने कहा था कि यहाँ जजों और बुनियादी ढांचे की कमी है और मुंबई के हर जज के पास कम से कम 5,000 केस लंबित हैं। अगस्त 2025 में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बी आर गवई ने भी चेतावनी दी थी कि कानूनी सुधारों के बिना ट्रायल में दशकों की देरी हो सकती है।