Maharashtra: मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने New India Co-operative Bank के पूर्व पदाधिकारियों और Percept Group के अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर बैंक के साथ साजिश र
Maharashtra: मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने New India Co-operative Bank के पूर्व पदाधिकारियों और Percept Group के अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर बैंक के साथ साजिश रची, जिससे बैंक को करीब 15.32 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में गलत तरीके से लोन बांटने और पैसों की हेराफेरी का आरोप लगाया गया है।
घोटाले में किन लोगों और कंपनियों के नाम आए हैं?
इस धोखाधड़ी में बैंक के कई बड़े नामों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। इनमें मुख्य रूप से ये लोग शामिल हैं:
| संस्था/भूमिका |
नाम |
| बैंक पूर्व चेयरमैन |
रंजीत भानु (दिवंगत) और हिरन भानु |
| बैंक उपाध्यक्ष |
गौरी भानु |
| बैंक CEO |
अभिमन्यु भोन |
| Percept Group |
चेयरमैन हरिंद्र पाल सिंह और संबंधित कंपनियां |
| अन्य संस्था |
Hermes Sports and Entertainment Ltd (UK बेस्ड कंपनी) |
लोन और पैसों की हेराफेरी कैसे हुई?
EOW की जांच में सामने आया कि 2014 से 2023 के बीच Percept Group की आर्थिक रूप से कमजोर कंपनियों को बिना पूरे कागजात के लगभग 77 करोड़ रुपये का लोन दिया गया। आरोप है कि इस लोन में से 6.37 करोड़ रुपये हिरन भानु से जुड़ी UK की कंपनी Hermes Sports and Entertainment Ltd में भेज दिए गए। इसके अलावा, लोअर परेल स्थित एक प्रॉपर्टी, जो लोन के बदले गिरवी रखी गई थी, उसे बिना किसी नई वैल्यूएशन के गलत तरीके से रिलीज कर दिया गया, जबकि वह प्रॉपर्टी आग से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी।
आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई क्या है?
पुलिस ने आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और गबन जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं। EOW ने साफ किया है कि लेनदेन का फोरेंसिक ऑडिट अभी जारी है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। यह मामला एक बड़े घोटाले का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें करीब 122 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की बात सामने आई है। इस बड़े मामले में Enforcement Directorate (ED) ने भी करीब 16.95 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
New India Co-operative Bank घोटाला कितना बड़ा है?
वर्तमान चार्जशीट 15.32 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ी है, लेकिन यह एक बड़े 122 करोड़ रुपये के घोटाले का हिस्सा है जिसमें ED ने भी कार्रवाई की है।
Percept Group पर क्या आरोप लगे हैं?
Percept Group पर आरोप है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर गलत तरीके से लोन लिया, फंड्स को डायवर्ट किया और गिरवी रखी गई प्रॉपर्टी को नियमों के खिलाफ रिलीज कराया।