Mumbai में 30 करोड़ की पोंजी स्कीम का भंडाफोड़, 7-8% महीनेली रिटर्न का लालच देकर ठगे लोगों को लगाया चूना

Maharashtra: मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। ‘AI Origin’ और ‘Digital Origin’ नाम से चल रही एक पोंजी स्कीम के जरिए करीब 30 करोड़ रुपये की ठगी की गई

Maharashtra: मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। ‘AI Origin’ और ‘Digital Origin’ नाम से चल रही एक पोंजी स्कीम के जरिए करीब 30 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने एक महीने तक अंडरकवर ऑपरेशन चलाकर इस गिरोह के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

यह पूरा खेल निवेशकों को हर महीने 7 से 8 प्रतिशत रिटर्न देने के वादे पर टिका था। आरोपियों ने पिछले एक साल में बड़ी संख्या में भोले-भले लोगों को अपना शिकार बनाया। पुलिस की आर्थिक खुफिया इकाई (EIU) ने इस जाल को पकड़ने के लिए अपने जवानों को फर्जी निवेशक बनाकर अंदर भेजा था, जिससे इस घोटाले की पूरी जानकारी जुटाई जा सकी।

इस स्कीम के जरिए निवेश की शुरुआत मात्र 1,500 रुपये से की गई थी। लोगों को लुभाने के लिए वेबसाइट, व्हाट्सएप ग्रुप और महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में सेमिनार आयोजित किए गए। इतना ही नहीं, नए निवेशकों को जोड़ने और भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने करीब 60 लोगों को थाईलैंड की यात्रा भी कराई।

विवरण जानकारी
गिरफ्तार आरोपी श्रीकृष्ण पाण्डुरंग चव्हाण, अंकुश शांताराम पारते, सुभाष यशवंत पाण्डरे और डॉ. सुदेश मोहिते
कुल ठगी करीब 30 करोड़ रुपये से ज्यादा
प्रभावित क्षेत्र मुंबई, ठाणे, पालघर, पिंपरी-चिंचवड़, सांगली, सतारा, कोल्हापुर और सोलापुर
बरामद सामान 12.08 लाख कैश, 9 बैंकों की पासबुक, 7 लैपटॉप/कंप्यूटर, एक BMW और एक Verna कार
पुलिस कार्रवाई पंतनगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज, BNS और BUDS एक्ट के तहत कार्रवाई

जांच में सामने आया कि इस कंपनी के पास RBI या SEBI जैसे रेगुलेटरी बॉडीज का कोई लाइसेंस या मंजूरी नहीं थी। पुलिस ने वसई, गोरेगांव और मालाड में छापेमारी कर नकदी और गाड़ियां जब्त की हैं। आरोपियों की योजना इस घोटाले को कर्नाटक और गोवा तक फैलाने की भी थी। EOW DCP संग्रामसिंह निशंदार ने लोगों से अपील की है कि वे कम समय में बहुत ज्यादा रिटर्न देने वाले लालच भरे स्कीमों से दूर रहें।