Maharashtra: मुंबई के डॉक्टरों ने एक चिंताजनक ट्रेंड सामने रखा है। अब 25 से 30 साल की कम उम्र की महिलाओं में Endometriosis के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले यह बीमारी ज्यादातर 30 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं में देखी ज
Maharashtra: मुंबई के डॉक्टरों ने एक चिंताजनक ट्रेंड सामने रखा है। अब 25 से 30 साल की कम उम्र की महिलाओं में Endometriosis के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले यह बीमारी ज्यादातर 30 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं में देखी जाती थी, लेकिन अब युवा लड़कियों में इसके लक्षण दिख रहे हैं, जिससे उनकी फर्टिलिटी और रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर खतरा बढ़ गया है।
Endometriosis बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
मुंबई के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल इस बीमारी की बड़ी वजह है। लोग शारीरिक मेहनत कम कर रहे हैं और घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं। साथ ही जंक फूड और प्रोसेस्ड खाने का बढ़ता चलन, नींद की कमी और हार्मोनल असंतुलन ओवेरियन फंक्शन को खराब कर रहे हैं, जिससे इस बीमारी का खतरा बढ़ गया है।
बीमारी की पहचान में क्यों होती है देरी?
डॉक्टर मैत्रेयी पारुलेकर ने बताया कि इस बीमारी के लक्षणों को अक्सर आम पीरियड्स के दर्द जैसा समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। वहीं डॉ. राहुल गजभिये के अनुसार, भारत में हर दूसरी महिला को इस बीमारी की सही पहचान मिलने में करीब पांच साल का समय लग जाता है। डॉ. कविता कोवी ने कहा कि इसके लक्षण हर महिला में अलग होते हैं, इसलिए इसे पकड़ना मुश्किल होता है।
एक केस से समझें खतरे की गंभीरता
हाल ही में मुंबई की एक 25 साल की प्रोफेशनल का मामला सामने आया। उन्हें 2024 से पेट के निचले हिस्से में दर्द और पीरियड्स की अनियमितता की समस्या थी। जांच के बाद उन्हें Endometriotic Ovarian Cyst मिला, जिसके लिए लैप्रोस्कोपिक सर्जरी करनी पड़ी। डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि समय पर जांच और लाइफस्टाइल में बदलाव ही इस समस्या से बचने का सही तरीका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Endometriosis के लक्षण क्या हैं और इसे क्यों नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
इसमें मुख्य रूप से पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा दर्द और पेल्विक एरिया में तकलीफ होती है। इसे नजरअंदाज करने से भविष्य में फर्टिलिटी यानी माँ बनने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है।
इस बीमारी से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए?
डॉक्टरों के अनुसार नियमित शारीरिक व्यायाम करें, जंक फूड से बचें, पर्याप्त नींद लें और पीरियड्स के असामान्य दर्द होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें।