Mumbai में ड्रग्स केस: जर्मनी से ड्रेस के अंदर छिपाकर मँगाई गई थीं 2,800 Ecstasy गोलियां, चार्जशीट दाखिल
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के गोरेगांव में दो MBA स्टूडेंट्स की मौत वाले ड्रग्स केस में पुलिस ने एक बड़ी चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में खुलासा हुआ है कि जर्मनी से एक शख्स ने अंतरराष्ट्रीय कूरियर के जरिए 2,800 Ecstasy
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के गोरेगांव में दो MBA स्टूडेंट्स की मौत वाले ड्रग्स केस में पुलिस ने एक बड़ी चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में खुलासा हुआ है कि जर्मनी से एक शख्स ने अंतरराष्ट्रीय कूरियर के जरिए 2,800 Ecstasy गोलियां मुंबई भेजी थीं। इन नशीली गोलियों को एक मिडी ड्रेस के अंदर छिपाकर भेजा गया था ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस ने बोरिवली मजिस्ट्रेट कोर्ट में करीब 3,000 से 3,500 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। इसमें 14 में से 12 आरोपियों के नाम शामिल हैं। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी Mahesh Khemlani ने जर्मनी के अपने एक दोस्त से ये ड्रग्स मँगाए थे। फरवरी 2026 में पहली खेप में 2,800 गोलियां अमेरिका और दुबई के रास्ते मुंबई पहुँचीं, जिसके बाद मार्च 2026 में यूरोप से 1,000 गोलियों की एक और खेप मँगाई गई।
यह पूरा मामला 11 अप्रैल 2026 को गोरेगांव ईस्ट में एक टेक्नो म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान सामने आया, जहाँ ड्रग्स लेने के बाद दो MBA स्टूडेंट्स (एक 28 साल का युवक और एक 24 साल की युवती) की मौत हो गई थी। एक 25 साल की छात्रा भी इस नशे की चपेट में आई थी, लेकिन इलाज के बाद उसकी जान बच गई।
| मुख्य आरोपी/संबंधित व्यक्ति | भूमिका/विवरण |
|---|---|
| Mahesh Khemlani | मुख्य सप्लायर, जिसने जर्मनी से ड्रग्स मँगाए और USDT वॉलेट से पेमेंट किया |
| Nitesh Khemlani | Mahesh का जुड़वा भाई, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के कारण गिरफ्तार |
| German National | ड्रग्स भेजने वाला व्यक्ति, जिसे पुलिस ने ‘वांटेड’ घोषित किया है |
| Deepak Hemwani | ड्रग्स का पार्सल अपने घर पर रिसीव करने का आरोपी |
| Jiya Jacob | Mahesh की लिव-इन पार्टनर, जिसका जॉइंट अकाउंट लेनदेन के लिए इस्तेमाल हुआ |
पुलिस ने इस मामले में NDPS एक्ट और गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide) की धाराएं लगाई हैं। जांच के लिए 110 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और व्हाट्सएप चैट व पैसों के लेन-देन के सबूत जुटाए गए हैं। वहीं, कोर्ट ने इवेंट ऑर्गनाइजर Akash Samal और NESCO के दो कर्मचारियों को जमानत दे दी है क्योंकि उनके खिलाफ साजिश का कोई सीधा सबूत नहीं मिला। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।