Maharashtra: मुंबई की एक अदालत ने 2017 के एक सड़क हादसे में ड्राइवर को दोषी पाया है। इस हादसे की वजह से 17 साल की निधि जेथमलानी वेजीटेटिव स्टेट (चेतना शून्य अवस्था) में चली गई थीं। कोर्ट ने ड्राइवर को लापरवाही से गाड़ी च
Maharashtra: मुंबई की एक अदालत ने 2017 के एक सड़क हादसे में ड्राइवर को दोषी पाया है। इस हादसे की वजह से 17 साल की निधि जेथमलानी वेजीटेटिव स्टेट (चेतना शून्य अवस्था) में चली गई थीं। कोर्ट ने ड्राइवर को लापरवाही से गाड़ी चलाने का दोषी मानते हुए 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
ड्राइवर को इतनी कम सजा क्यों मिली?
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुप्रिया निकम ने बताया कि आरोपी P. Narayanasamy एक सीनियर रेलवे अधिकारी के पास काम करता था। कोर्ट ने उसकी उम्र (66 वर्ष) और इस बात को ध्यान में रखा कि वह पहली बार अपराधी पाया गया है। साथ ही, घटना को 8 साल से ज्यादा समय बीत चुका है, इसलिए कोर्ट ने इसे उसकी एक बड़ी चूक मानते हुए नरम रुख अपनाया और सिर्फ जुर्माना लगाया।
मुआवजे और जुर्माने का क्या नियम रहा?
कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की पूरी राशि 20,000 रुपये पीड़ित निधि को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। अगर ड्राइवर यह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे तीन महीने की जेल काटनी होगी। इससे पहले 2021 में Motor Accident Claims Tribunal (MACT) ने पीड़ित को ब्याज के साथ 69.92 लाख रुपये और 1.5 करोड़ रुपये का कॉर्पस दिया था।
पीड़ित परिवार को अब तक क्या मदद मिली?
इस केस में वाहन का मालिकाना हक Western Railways के पास था। अक्टूबर 2022 में Bombay High Court ने निधि के पिता को Western Railways द्वारा जमा किए गए 1.15 करोड़ रुपये निकालने की अनुमति दी थी, ताकि लड़की के इलाज और खर्चों को पूरा किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हादसा कब हुआ था और पीड़ित की हालत क्या है?
यह हादसा 28 मई 2017 को हुआ था। पीड़ित निधि जेथमलानी उस समय 17 साल की थीं और तब से वह वेजीटेटिव स्टेट (बेहोशी की गंभीर स्थिति) में हैं।
अदालत ने ड्राइवर को क्या सजा सुनाई?
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने ड्राइवर P. Narayanasamy को दोषी पाते हुए 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है, जिसे पीड़ित को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।