Maharashtra: मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत का मामला अब गहराता जा रहा है। पहले इसे फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात सामने आई है। अब्दुल्ला डोकडिया, उनकी पत्नी नसरीन औ
Maharashtra: मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत का मामला अब गहराता जा रहा है। पहले इसे फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात सामने आई है। अब्दुल्ला डोकडिया, उनकी पत्नी नसरीन और दो बेटियों आयशा और जैनब की मौत तरबूज में मिले जिंक फॉस्फाइड नाम के जहर से हुई है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहों को मारने के लिए किया जाता है।
कैसे हुई यह घटना और क्या है पूरा मामला?
यह हादसा 25 अप्रैल 2026 की रात को हुआ। परिवार ने पहले रिश्तेदारों के साथ डिनर किया और फिर रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच तरबूज खाया। इसके कुछ ही घंटों बाद, 26 अप्रैल की सुबह सभी को उल्टी और दस्त जैसी गंभीर समस्या हुई। उन्हें तुरंत Sir JJ Hospital ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई। अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संजय सुरासे ने बताया था कि लक्षण सामान्य फूड पॉइजनिंग जैसे नहीं थे, जिससे जहरीले पदार्थ का शक गहरा गया था।
जांच में क्या पता चला और पुलिस कहां तक पहुंची?
FSL की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि तरबूज में जिंक फॉस्फाइड मौजूद था। अधिकारियों का कहना है कि यह पाउडर तरबूज को काटने के बाद उस पर डाला गया होगा। पुलिस ने अब तक करीब 100 लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें रिश्तेदार, पड़ोसी और 20 से ज्यादा चूहे मारने की दवा बेचने वाले दुकानदार शामिल हैं। CCTV फुटेज भी खंगाले गए, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। डीसीपी प्रवीण मुंडे ने बताया कि फिलहाल एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की गई है और जांच जारी है।
मामले में अब तक के मुख्य अपडेट
- JJ Hospital की माइक्रोबायोलॉजी रिपोर्ट ने बैक्टीरियल इन्फेक्शन की संभावना को खारिज कर दिया।
- FDA को सैंपल कम मिलने की वजह से पूरा माइक्रोबायोलॉजिकल एनालिसिस नहीं हो पाया।
- 8 मई को एक नया मोड़ आया जब जांच में मिले एक चूहा-रोडेंट टैबलेट में जिंक फॉस्फाइड नहीं पाया गया।
- मृतक बेटी आयशा के 10वीं बोर्ड के नतीजे उसकी मौत के बाद आए, जिसमें उसने 70% अंक हासिल किए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोकडिया परिवार की मौत की असली वजह क्या निकली?
फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, परिवार की मौत जिंक फॉस्फाइड नामक जहर के कारण हुई, जो चूहे मारने वाली दवा में होता है। यह जहर तरबूज के जरिए उनके शरीर में पहुंचा था।
पुलिस इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई कर चुकी है?
मुंबई पुलिस ने करीब 100 लोगों के बयान लिए हैं और 20 से ज्यादा दवा विक्रेताओं से पूछताछ की है। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद भी अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि जहर तरबूज में किसने मिलाया।