Mumbai में डॉक्टरों से मारपीट, आरोपी शिव सेना कॉर्पोरेटर गिरफ्तार; विरोध में डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा
Maharashtra: डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट का मामला गरमा गया है। शिव सेना कॉर्पोरेटर Ramesh Mhatre और उनके साथियों पर दो डॉक्टरों के साथ बदसलूकी और हिंसा करने का आरोप है। इस घटना के बाद पूरे
Maharashtra: डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट का मामला गरमा गया है। शिव सेना कॉर्पोरेटर Ramesh Mhatre और उनके साथियों पर दो डॉक्टरों के साथ बदसलूकी और हिंसा करने का आरोप है। इस घटना के बाद पूरे राज्य के स्वास्थ्य कर्मियों में गुस्सा है और कई जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
यह पूरा मामला 6 जुलाई 2026 की शाम को हुआ। अस्पताल में NICU बेड की कमी की वजह से जब डॉक्टरों ने एक नवजात बच्चे के परिवार को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी, तब Ramesh Mhatre और उनके समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि Mhatre ने मेडिकल ऑफिसर Dr. Vaibhav Salunkhe को थप्पड़ और घूंसे मारे और रेजिडेंट डॉक्टर Dr. Srishti Baviskar के साथ भी मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
इस घटना के बाद Dr. Vaibhav Salunkhe और Dr. Srishti Baviskar ने गहरे सदमे में होने की बात कहते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 जुलाई की रात को Ramesh Mhatre को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद Mhatre ने सीने में दर्द और किडनी की समस्या की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें ठाणे जिला सिविल अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया।
इस मामले में कल्याण कोर्ट ने पुलिस की उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें आरोपी को वर्चुअली पेश करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने साफ कहा कि आरोपी को शारीरिक रूप से पेश किया जाना जरूरी है। वहीं, 9 जुलाई को महाराष्ट्र भर के डॉक्टरों और नर्सों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। उन्होंने Mhatre को कॉर्पोरेटर पद से हटाने और अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
इस हिंसा की कड़ी निंदा Saveetha Medical College की विभागाध्यक्ष Dr. Anita Ramesh ने की है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde और अन्य नेताओं ने भी इस घटना की निंदा की है। पुलिस ने आरोपी और उनके साथियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिसमें सरकारी कर्मचारी पर हमला और दंगा भड़काने जैसे आरोप शामिल हैं।