Maharashtra: मुंबई की एक 58 साल की विधवा महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डराकर 60 लाख रुपये ठग लिए गए। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने जलगांव के चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने महिला को यकीन दिल
Maharashtra: मुंबई की एक 58 साल की विधवा महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डराकर 60 लाख रुपये ठग लिए गए। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने जलगांव के चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने महिला को यकीन दिलाया था कि उसके दिवंगत पति पर 1 करोड़ का लोन था और उसे मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाया जा सकता है।
कैसे की गई 60 लाख की ठगी?
ठगों ने महिला को वीडियो कॉल किया और खुद को मुंबई का DCP बताया। उन्होंने महिला पर दबाव बनाया कि वह अपने गहने और संपत्ति बेचकर पुराना कर्ज चुकाए। इस मामले में ठगों ने बैंक ट्रांसफर के बजाय सीधे घर जाकर कैश लिया। महिला ने पहले गहने बेचकर 35 लाख रुपये दिए और फिर 6 लाख और बेचकर 25 लाख रुपये की दूसरी किस्त दी। यह पूरी घटना जोगेश्वरी इलाके की है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या है कनेक्शन?
पुलिस ने जलगांव के रहने वाले चार आरोपियों को पकड़ा है, जिनके नाम जयेश काले (27), संकेत महाजन (29), यशवंत धंडे (26) और विनोद अटरडे (29) हैं। इनमें से जयेश और संकेत कंबोडिया के एक रेस्टोरेंट में मैनेजर और शेफ के तौर पर काम करते थे। इस पूरे गैंग का मास्टरमाइंड अभी भी कंबोडिया में है, जो जलगांव का ही रहने वाला है और 2023 से वहां एक कॉल सेंटर चलाकर भारतीयों को ठग रहा है।
डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें और क्या कहता है कानून?
DCP (साइबर) पुरुषोत्तम कराड़ ने साफ किया है कि भारतीय कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती। सुप्रीम कोर्ट ने अब CBI को देशभर में ऐसे घोटालों की जांच का अधिकार दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी कॉल पर भरोसा न करें और तुरंत साइबर सेल को सूचना दें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डिजिटल अरेस्ट क्या होता है और क्या यह कानूनी है?
डिजिटल अरेस्ट में ठग पुलिस या सरकारी अफसर बनकर वीडियो कॉल पर व्यक्ति को डराते हैं और उसे घर में ही कैद रहने को कहते हैं। भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है और यह पूरी तरह से फर्जी है।
इस मामले में आरोपियों ने पैसे कैसे लिए?
आरोपियों ने बैंक ट्रांसफर के बजाय सीधे जोगेश्वरी स्थित महिला के घर जाकर दो किस्तों में 35 लाख और 25 लाख रुपये कैश के रूप में जमा किए।