Maharashtra: मुंबई के धारावी सेक्टर 6 में रहने वाले हजारों परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने यहाँ की 7 स्लम बस्तियों के निवासियों को मानसून आने से पहले या नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले अपने घर खाली करने क
Maharashtra: मुंबई के धारावी सेक्टर 6 में रहने वाले हजारों परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने यहाँ की 7 स्लम बस्तियों के निवासियों को मानसून आने से पहले या नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले अपने घर खाली करने का नोटिस दिया है। यह कार्रवाई धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) के तहत की जा रही है ताकि पुनर्वास इमारतों का निर्माण शुरू किया जा सके।
किन इलाकों को खाली करने का नोटिस मिला है और क्या है योजना?
सेक्टर 6 के करीब 3,500 घरों को यह नोटिस भेजा गया है। इसमें मुख्य रूप से गणेश नगर-मेघवाड़ी, SVP नगर, आजाद नगर A और B, आजाद नगर C और कमला रमन नगर शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि माटुंगा रेलवे जमीन पर 10 पुनर्वास इमारतें बनाई जाएंगी, जिनमें करीब 11,000 परिवारों को जगह मिलेगी। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए इन बस्तियों का खाली होना जरूरी है।
निवासियों को क्या सुविधा मिलेगी और नियम क्या हैं?
सरकार और DRP प्रशासन ने लोगों के लिए कुछ व्यवस्थाएं की हैं:
- शिफ्टिंग के लिए एक बार 5,000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा।
- रहने के लिए ट्रांजिट आवास या किराए के घर के लिए आर्थिक मदद मिलेगी।
- किराये के घर चुनने वालों को सालाना 5% की बढ़ोतरी के साथ रेंट सपोर्ट मिलेगा।
- पात्रता के लिए जरूरी दस्तावेज जमा न करने वालों का फैसला पुराने सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर होगा।
स्थानीय लोगों और अधिकारियों का इस पर क्या कहना है?
DRP के CEO महेंद्र कल्याणकर ने कहा कि लोगों को सम्मानजनक तरीके से शिफ्ट किया जाएगा और निर्माण कार्य के लिए यह कदम उठाना जरूरी है। दूसरी तरफ, ‘धारावी बचाओ आंदोलन’ के संयोजक बाबूराव माने ने चिंता जताई है कि लोगों में डर का माहौल है। उनका कहना है कि कई परिवारों के पास अभी तक कोई लिखित समझौता नहीं है और पात्रता को लेकर भी काफी उलझनें हैं।