Mumbai के Dharavi में 590 धार्मिक स्थलों का होगा फैसला, कई मंदिर-मस्जिदों को हटाया जा सकता है

Maharashtra: मुंबई के धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) के दायरे में आने वाले धार्मिक स्थलों को लेकर सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। एक राज्य पैनल ने अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंप दी है, जिसमे

Maharashtra: मुंबई के धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) के दायरे में आने वाले धार्मिक स्थलों को लेकर सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। एक राज्य पैनल ने अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंप दी है, जिसमें यह तय किया गया है कि कौन से धार्मिक स्थल वहीं रहेंगे और किन्हें हटाना होगा।

पैनल ने अब तक 149 सुनवाई पूरी कर ली हैं। इस जांच में पाया गया कि धारावी इलाके में कुल 590 धार्मिक ढांचे मौजूद हैं। समिति ने सेक्टर 1 के 12 प्राथमिकता वाले स्थलों की जांच की और सिफारिश की कि 8 ऐसे ढांचों को हटाया जाए जो 29 सितंबर 2009 के बाद बनाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के नियम के मुताबिक, इस तारीख के बाद सार्वजनिक जमीन पर बनाए गए किसी भी अनधिकृत धार्मिक स्थल को सुरक्षा नहीं मिलेगी और उन्हें हटाया जा सकता है।

इसके अलावा, पैनल ने तीन पुराने धार्मिक स्थलों को दूसरी जगह शिफ्ट करने या उन्हें एक साथ जोड़ने (consolidate) का सुझाव दिया है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी रिटायर्ड जस्टिस दिलीप भोसले की अध्यक्षता वाली धार्मिक संरचना समिति कर रही है, जिसमें मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस एम.जी. अकबर अली भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समीक्षा बैठकों में साफ किया है कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद धारावी के निवासियों का कल्याण और उनकी रोजी-रोटी को सुरक्षित रखना है। सरकार कोशिश कर रही है कि इलाके की स्थानीय विशेषताओं को बरकरार रखा जाए, लेकिन नियमों का पालन भी जरूरी है। इस पूरे काम की जिम्मेदारी स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) और उनके सीईओ डॉ. महेंद्र कल्यणकर संभाल रहे हैं।