Maharashtra: मुंबई के Deonar डंपिंग ग्राउंड में कचरे के पहाड़ों के बीच शहर का पहला वेस्ट-टू-एनर्जी (WTE) प्लांट तैयार हो रहा है। यह प्रोजेक्ट अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और BMC के अधिकारी इसे दिसंबर 2026 तक पूरी तरह चालू क
Maharashtra: मुंबई के Deonar डंपिंग ग्राउंड में कचरे के पहाड़ों के बीच शहर का पहला वेस्ट-टू-एनर्जी (WTE) प्लांट तैयार हो रहा है। यह प्रोजेक्ट अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और BMC के अधिकारी इसे दिसंबर 2026 तक पूरी तरह चालू करने की तैयारी में हैं। इस प्लांट से न सिर्फ कचरा कम होगा, बल्कि बिजली भी पैदा की जाएगी।
इस प्लांट से कितनी बिजली बनेगी और क्या होगा फायदा
यह प्लांट 12 हेक्टेयर जमीन पर फैला हुआ है और हर दिन करीब 600 टन नगर निगम के कचरे को प्रोसेस करेगा। इससे लगभग 8 मेगावाट (MW) बिजली पैदा होने की उम्मीद है। इस बिजली का इस्तेमाल BMC की अपनी सुविधाओं, जैसे कि Bhandup वाटर ट्रीटमेंट कॉम्प्लेक्स को चलाने के लिए किया जाएगा।
काम की प्रगति और चुनौतियां क्या रहीं
म्युनिसिपल कमिश्नर Ashwini Bhide ने 14 मई 2026 को प्लांट का औचक निरीक्षण किया, जिसमें काम करीब 80% पूरा पाया गया। Ramky Sustainability Solutions के मुताबिक, निर्माण शुरू करने से पहले करीब 10 लाख टन पुराने कचरे को वैज्ञानिक तरीके से हटाना और स्थिर करना पड़ा था। इस प्रोजेक्ट को Chennai MSW Pvt. Ltd. कंपनी बना रही है, जिसे 15 साल तक इसके संचालन की जिम्मेदारी मिली है।
प्रदूषण को रोकने के लिए क्या इंतजाम हैं
MPCB ने इस प्लांट को मंजूरी दी है और प्रदूषण कम करने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। जहरीली गैसों को खत्म करने के लिए इसमें स्प्रे रिएक्टर और धूल के कणों को रोकने के लिए बैग फिल्टर लगाए गए हैं। साथ ही, धुएं को बाहर निकालने के लिए 50 मीटर ऊंची चिमनी बनाई गई है ताकि आसपास के लोगों को परेशानी न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Deonar वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट कब तक पूरी तरह चालू होगा?
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह प्लांट दिसंबर 2026 तक स्थिर संचालन (stabilised operations) के लिए तैयार हो जाएगा। मई 2026 तक इसका करीब 80% काम पूरा हो चुका है।
इस प्लांट से पैदा होने वाली बिजली का इस्तेमाल कहां होगा?
इस प्लांट से लगभग 8 MW बिजली पैदा होगी, जिसका उपयोग मुख्य रूप से BMC की सुविधाओं जैसे कि Bhandup वाटर ट्रीटमेंट कॉम्प्लेक्स में किया जा सकता है।