Mumbai में डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी; अभी आना बाकी है बीमारियों का पीक समय

Maharashtra: मुंबई में मानसून की भारी बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। हालांकि पूरे महाराष्ट्र में इन बीमारियों के मामलों में पिछले साल के मुकाबले कमी आई है, लेकिन मुंबई अभी भी सबसे ज्याद

Maharashtra: मुंबई में मानसून की भारी बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। हालांकि पूरे महाराष्ट्र में इन बीमारियों के मामलों में पिछले साल के मुकाबले कमी आई है, लेकिन मुंबई अभी भी सबसे ज्यादा प्रभावित शहर बना हुआ है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अभी इन बीमारियों का सबसे खतरनाक समय (पीक सीजन) आना बाकी है, इसलिए लोगों को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

BMC के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 14 जुलाई 2026 के बीच शहर में मलेरिया के मामले 3,115 से बढ़कर 3,681 हो गए हैं। वहीं डेंगू के मरीजों की संख्या 734 से बढ़कर 938 पहुंच गई है। इसके अलावा लेप्टोस्पायरोसिस के मामले 136 से बढ़कर 157 और स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले 42 से बढ़कर 113 हो गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि चिकनगुनिया और गैस्ट्रोएन्टराइटिस के मामलों में कमी दर्ज की गई है।

BMC की हेल्थ एडिशनल कमिश्नर प्राजक्ता वर्मा ने बताया कि लगातार हो रही बारिश की वजह से मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बन गया है, जिससे बीमारियां बढ़ रही हैं। जून के सर्वे में दक्षिण मुंबई को सबसे बड़ा हॉटस्पॉट पाया गया है। डी वार्ड (मालाबार हिल, गिरगांव और ग्रांट रोड) में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले मिले हैं, जबकि ई वार्ड (भायखला, मुंबई सेंट्रल) में मलेरिया के सबसे ज्यादा केस और मच्छरों के ब्रीडिंग साइट्स पाए गए हैं।

बीमारी 2025 के मामले 2026 के मामले (14 जुलाई तक)
मलेरिया 3,115 3,681
डेंगू 734 938
लेप्टोस्पायरोसिस 136 157
स्वाइन फ्लू (H1N1) 42 113
चिकनगुनिया 179 31
गैस्ट्रोएन्टराइटिस 4,831 3,866

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लेप्टोस्पायरोसिस को अक्सर सामान्य बुखार या डेंगू समझ लिया जाता है, जो खतरनाक हो सकता है। BMC ने इसके बचाव के लिए जून और जुलाई में करीब 3,000 कंस्ट्रक्शन साइट्स पर स्क्रीनिंग की है और 90,728 लोगों को बचाव के लिए दवाइयां दी हैं। जेजे हॉस्पिटल के डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने बताया कि डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ रुके हुए पानी में पनपते हैं, जबकि मलेरिया के लिए अलग तरह के मच्छर जिम्मेदार होते हैं।

बीएमसी ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें, पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें और पूरी बाजू के कपड़े पहनें। साथ ही मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल करें और बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। संक्रमण से बचने के लिए सार्वजनिक जगहों पर मास्क लगाने की भी सलाह दी गई है।