Mumbai के Dadar Kabutarkhana का बदलेगा रूप, अब तिरपाल की जगह लगेंगे पारदर्शी Acrylic Walls

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के दादर स्थित मशहूर कबूतरखाना एक साल बाद फिर से नए रूप में नजर आएगा। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने पर रोक लगाने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। अब BMC इस हेर

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के दादर स्थित मशहूर कबूतरखाना एक साल बाद फिर से नए रूप में नजर आएगा। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों को दाना खिलाने पर रोक लगाने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। अब BMC इस हेरिटेज साइट की खूबसूरती वापस लाने के लिए इसका कायाकल्प करने जा रही है।

BMC ने एक प्रस्ताव तैयार किया है जिसके तहत कबूतरखाने को ढकने के लिए लगाए गए पुराने और धुंधले तिरपाल (tarpaulin) को हटा दिया जाएगा। इसकी जगह पारदर्शी एक्रिलिक शीट (acrylic walls) लगाई जाएंगी। इससे यह ढांचा बाहर से साफ दिखेगा और उसकी विरासत भी बनी रहेगी, लेकिन साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोग अंदर जाकर कबूतरों को दाना न खिला सकें।

इस योजना में केवल दीवारों का बदलाव ही नहीं है, बल्कि पूरे ट्रैफिक आइलैंड को लैंडस्केपिंग और हरियाली से सजाया जाएगा। BMC का लक्ष्य इसे एक ‘ऑक्सीजन हॉटस्पॉट’ बनाना है ताकि शहर के वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिले। इसके अलावा, कबूतरखाने के पास के फुटपाथ की मरम्मत भी की जाएगी जिससे पैदल चलने वालों को आसानी हो।

बता दें कि 31 जुलाई 2025 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य संबंधी खतरों और हेरिटेज साइट्स को होने वाले नुकसान के कारण सार्वजनिक जगहों पर दाना खिलाने पर पाबंदी लगाई थी। अगस्त 2025 में मुंबई के सभी 51 कबूतरखानों को बंद कर दिया गया था। इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए दिसंबर 2025 में एक स्थानीय व्यवसायी पर जुर्माना भी लगाया गया था।

फिलहाल यह प्रस्ताव सिविक वार्ड कमेटी के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। स्थानीय कॉर्पोरेटर यशवंत किल्लेदार ने इस सौंदर्यीकरण का समर्थन किया है, लेकिन स्पष्ट किया है कि दाना खिलाने पर लगी कानूनी रोक पूरी तरह लागू रहेगी।