Maharashtra : मुंबई के लोग साइबर अपराधियों का आसान शिकार बन रहे हैं। साल 2025 में यहां के लोगों ने साइबर फ्रॉड में 1,031 करोड़ रुपये से ज्यादा गंवा दिए। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस इस बड़ी रकम में से सिर्फ 110 करो
Maharashtra : मुंबई के लोग साइबर अपराधियों का आसान शिकार बन रहे हैं। साल 2025 में यहां के लोगों ने साइबर फ्रॉड में 1,031 करोड़ रुपये से ज्यादा गंवा दिए। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस इस बड़ी रकम में से सिर्फ 110 करोड़ रुपये ही रिकवर कर पाई है। शहर में ठगी के नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं जिससे आम आदमी की मेहनत की कमाई लुट रही है।
किन तरीकों से हुई सबसे ज्यादा ठगी?
साल 2025 में मुंबई में कुल 4,825 साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज हुए। इनमें सबसे ज्यादा ठगी शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर हुई। इसके बाद क्रेडिट और डेबिट कार्ड फ्रॉड का नंबर आता है। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर भी करोड़ों रुपये वसूले गए।
| ठगी का तरीका |
मामलों की संख्या |
| शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट |
856 |
| क्रेडिट/डेबिट कार्ड फ्रॉड |
655 |
| जॉब ऑफर स्कैम |
303 |
| डिजिटल अरेस्ट स्कैम |
191 |
डिजिटल अरेस्ट और हेल्पलाइन की क्या स्थिति है?
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर मुंबई में 155 करोड़ रुपये की ठगी हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 33% ज्यादा है। DCP (Cyber) पुरुषोत्तम कराड ने साफ कहा है कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं है। वहीं, 1930 हेल्पलाइन पर 8.71 लाख कॉल आए, जिनमें से जल्दी रिपोर्ट करने पर 201.99 करोड़ रुपये ब्लॉक किए जा सके।
सरकार और पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बताया कि ई-चालान फ्रॉड के 193 मामलों में 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ऑनलाइन गेमिंग और लॉटरी को कंट्रोल करने के लिए 22 अगस्त 2025 को ‘Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025’ लागू किया गया। इसके अलावा, राज्य में 50 डिस्ट्रिक्ट साइबर लैब और पुलिस स्टेशन बनाए गए हैं ताकि अपराधियों को जल्दी पकड़ा जा सके।