Mumbai के खाने पर बनी किताब ने जीता ‘फूड ऑस्कर’, महिलाओं की टीम ने शहर की रसोई और गलियों को दुनिया तक पहुंचाया

Maharashtra: मुंबई के स्वाद और उसकी गलियों की कहानियों को समेटने वाली एक खास किताब ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान हासिल किया है। महिलाओं की एक टीम द्वारा तैयार की गई कॉफी टेबल बुक ‘Mumbai: A Journey Through I

Maharashtra: मुंबई के स्वाद और उसकी गलियों की कहानियों को समेटने वाली एक खास किताब ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सम्मान हासिल किया है। महिलाओं की एक टीम द्वारा तैयार की गई कॉफी टेबल बुक ‘Mumbai: A Journey Through Its Kitchens, Streets, and Stories’ को 2026 का जेम्स बियर्ड मीडिया अवार्ड मिला है। इस अवॉर्ड को दुनिया भर में ‘फूड ऑस्कर’ के नाम से जाना जाता है। इस उपलब्धि का जश्न टीम ने पिछले महीने मुंबई में मनाया।

यह किताब Heirloom Cities नाम के एक स्वतंत्र पब्लिशिंग हाउस ने तैयार की है। इसे जेम्स बियर्ड फाउंडेशन द्वारा ‘बेस्ट विजुअल डिजाइन’ कैटेगरी में सम्मानित किया गया है। इस अवॉर्ड के लिए दुनिया भर के 600 से ज्यादा फूड एक्सपर्ट्स ने वोट दिए थे। टीम में श्री बोदनपु (फाउंडर), रुशिना मुनशॉ-घिल्डियाल (क्यूरेटर और एडिटर), भव्य पंसारी (फोटोग्राफर) और नंदिनी थिरानी (इलस्ट्रेटर) शामिल थीं।

किताब के बारे में बात करते हुए श्री बोदनपु ने बताया कि अक्सर विदेशों में भारतीय खाने को सिर्फ ‘चिकन टिक्का मसाला’ या ‘गार्लिक नान’ तक सीमित मान लिया जाता है। उन्होंने इसी सोच को बदलने और मुंबई की असली culinary विरासत को दिखाने के लिए यह किताब लिखी। इसमें मावा केक से लेकर कोली सीफूड तक की कहानियों को जगह दी गई है।

इस प्रोजेक्ट पर काम करना आसान नहीं था। एडिटर रुशिना मुनशॉ-घिल्डियाल ने बताया कि मुंबई के खाने के इतिहास का कोई एक तय टाइमलाइन नहीं है। इसके लिए उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक इतिहासकारों और पुराने रिकॉर्ड्स की मदद ली। वहीं फोटोग्राफर भव्य पंसारी ने कहा कि उन्होंने शहर को वैसा ही दिखाने की कोशिश की जैसा वह असल में है, बिना किसी बनावट के।