Maharashtra: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय (CSMVS) में एक खास प्रदर्शनी लगने जा रही है। इसका नाम ‘Roots of a City: The Pathare Prabhus of Mumbai’ रखा गया है। यह प्रदर्शनी 19 मई 2026 से शुरू
Maharashtra: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय (CSMVS) में एक खास प्रदर्शनी लगने जा रही है। इसका नाम ‘Roots of a City: The Pathare Prabhus of Mumbai’ रखा गया है। यह प्रदर्शनी 19 मई 2026 से शुरू होगी, जिसमें शहर के सबसे पुराने समुदायों में से एक, पठारे प्रभु की जीवनशैली और उनके इतिहास को दिखाया जाएगा।
प्रदर्शनी में क्या खास देखने को मिलेगा?
इस शो में घर के इस्तेमाल की पुरानी चीजों के जरिए इस समुदाय की कहानी बताई जाएगी। इसमें पुश्तैनी फर्नीचर, धार्मिक वस्तुएं, कपड़े, पुरानी तस्वीरें और रसोई के बर्तन शामिल होंगे। खास तौर पर ‘भाटका’ नाम की लघु कलाकृतियां दिखाई जाएंगी, जिन्हें चांदी, पीतल, टिन, लकड़ी, कांच और चीनी मिट्टी से बनाया गया है। इसमें सनत सेनजीत द्वारा 1994 में दिए गए संग्रह की चीजें भी शामिल होंगी।
Pathare Prabhu समुदाय का मुंबई से क्या नाता है?
CSMVS के ट्रस्टी और इस प्रदर्शनी के सह-क्यूरेटर राजन जयकर ने बताया कि पठारे प्रभु समुदाय करीब 1296 में अलाउद्दीन खिलजी के हमले के बाद देवगिरी से मुंबई आया था। उन्होंने सबसे पहले माहिम द्वीप (जिसे तब महिकवती कहा जाता था) पर अपना बसेरा बनाया। इतिहास में इस समुदाय के लोग पुर्तगालियों के लिए क्लर्क, अनुवादक और प्रशासक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम करते थे।
मुंबई गैलरी पहल का हिस्सा है यह शो
यह प्रदर्शनी म्यूजियम की ‘मुंबई गैलरी’ पहल का तीसरा हिस्सा है। इस पहल का मकसद शहर के इतिहास को सिर्फ बड़ी घटनाओं से नहीं, बल्कि यहां रहने वाले लोगों और उनकी निजी यादों के जरिए समझाना है। इसके जरिए आम लोग जान पाएंगे कि मुंबई के पुराने समाज का रहन-सहन कैसा था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Pathare Prabhu प्रदर्शनी कब और कहां शुरू होगी?
यह प्रदर्शनी 19 मई 2026 से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय (CSMVS) में शुरू होगी।
पठारे प्रभु समुदाय मुंबई कब आया था?
राजन जयकर के अनुसार, यह समुदाय करीब 1296 में अलाउद्दीन खिलजी के हमले के बाद देवगिरी से मुंबई आया और माहिम द्वीप पर बसा था।