Maharashtra: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर मंगलवार दोपहर एक बड़ी गलती हो गई। बड़लापुर से आने वाली एक लोकल ट्रेन को गलत प्लेटफॉर्म पर भेज दिया गया, जिससे करीब आधे घंटे तक सेंट्रल रेलवे की सेवाएं प्रभावि
Maharashtra: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर मंगलवार दोपहर एक बड़ी गलती हो गई। बड़लापुर से आने वाली एक लोकल ट्रेन को गलत प्लेटफॉर्म पर भेज दिया गया, जिससे करीब आधे घंटे तक सेंट्रल रेलवे की सेवाएं प्रभावित रहीं। इस लापरवाही के बाद रेलवे प्रशासन ने ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर को तुरंत सस्पेंड कर दिया है।
क्या थी पूरी घटना और कैसे टला हादसा
मंगलवार दोपहर करीब 3:18 बजे बड़लापुर से आने वाली लोकल ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर आना था, लेकिन गलती से उसे प्लेटफॉर्म नंबर 5 की तरफ रूट कर दिया गया। प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहले से ही एक दूसरी ट्रेन खड़ी थी। गनीमत रही कि ट्रेन के मोटर्मैन ने समय पर लाल सिग्नल देख लिया और ट्रेन को रोक दिया। दोनों ट्रेनों के बीच करीब 130 मीटर की सुरक्षित दूरी बनी रही, जिससे कोई टक्कर नहीं हुई।
कितनी देर बाधित रही ट्रेन सेवाएं
इस गलती की वजह से प्लेटफॉर्म नंबर 5 से 8 तक ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई थी। करीब 25 से 30 मिनट तक अफरा-तफरी रही, जिसके बाद गलत रूट पर आई ट्रेन को वापस प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर लाया गया। दोपहर करीब 3:48 बजे स्थिति सामान्य हुई। यह घटना ऐसे समय हुई जब पिछले दिन डोंबिवली के पास एक कोच पटरी से उतर गया था, जिससे यात्रियों को लगातार दो दिन परेशानी झेलनी पड़ी।
रेलवे प्रशासन ने क्या कहा
सेंट्रल रेलवे के CPRO स्वप्निल नीला ने बताया कि यह मानवीय चूक थी और गलत सिग्नल जारी किया गया था। उन्होंने साफ किया कि सुरक्षा प्रणालियों ने सही काम किया और कोई खतरा पैदा नहीं हुआ। रेलवे बोर्ड ने 9 अप्रैल 2026 को ही ट्रैक क्लीयरेंस नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए थे। अब इस पूरे मामले की जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है।