Mumbai में CSMT-Kurla के बीच 5वीं और 6वीं रेल लाइन का काम अंतिम चरण में, लोकल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। CSMT और कुर्ला के बीच लंबे समय से अटके 5वीं और 6वीं रेल लाइन के प्रोजेक्ट का काम अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है। सेंट्रल रेलवे
Maharashtra: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। CSMT और कुर्ला के बीच लंबे समय से अटके 5वीं और 6वीं रेल लाइन के प्रोजेक्ट का काम अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है। सेंट्रल रेलवे ने विद्याविहार से परेल के बीच बचे हुए ट्रैक काम के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं, जिससे अब इस प्रोजेक्ट के जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
यह प्रोजेक्ट साल 2008-09 में MUTP-II के तहत शुरू किया गया था। शुरुआत में इसका खर्च 115 करोड़ रुपये बताया गया था, लेकिन अब बढ़कर यह 1,337 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस काम में सबसे बड़ी रुकावट जमीन अधिग्रहण की थी, जिसे 20 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर पूरा कर लिया गया। MMRDA ने इस प्रोजेक्ट से प्रभावित 714 परिवारों को बसाने का काम भी पूरा कर लिया है।
इस प्रोजेक्ट की खास बातें नीचे टेबल में दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| टेंडर का हिस्सा | विद्याविहार से परेल ट्रैक वर्क |
| अनुमानित लागत | 27.43 करोड़ रुपये |
| समय सीमा | ठेकेदार तय होने के बाद 24 महीने |
| मुख्य उद्देश्य | लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग करना |
| प्रभावित परिवार | 714 परिवारों का पुनर्वास पूरा |
| हालिया प्रगति | सायन रोड ओवरब्रिज पर गर्डर लॉन्चिंग पूरी |
इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा आम यात्रियों को होगा। अभी लोकल ट्रेनें, मेल-एक्सप्रेस और मालगाड़ियां एक ही ट्रैक का इस्तेमाल करती हैं, जिससे अक्सर देरी होती है। नई लाइनें बनने के बाद लंबी दूरी की ट्रेनों और मालगाड़ियों के लिए अलग रास्ता होगा और मौजूदा तीसरी और चौथी लाइन सिर्फ लोकल ट्रेनों के लिए इस्तेमाल होंगी। इससे ट्रेनों की समयबद्धता बढ़ेगी और भीड़ कम होगी।
हालांकि, परेल से CSMT के बीच का काम (फेज 2) अभी भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि वहां घनी आबादी है और जमीन मिलना मुश्किल है। प्रशासन इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या वहां छठी लाइन बनाना संभव होगा या सिर्फ पांचवीं लाइन से काम चलाया जाएगा।