Maharashtra : मुंबई में अपराध की घटनाओं में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। National Crime Records Bureau (NCRB) ने 6 मई 2026 को अपनी ‘Crime in India 2024’ रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, जहाँ देश के 19 ब
Maharashtra : मुंबई में अपराध की घटनाओं में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। National Crime Records Bureau (NCRB) ने 6 मई 2026 को अपनी ‘Crime in India 2024’ रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, जहाँ देश के 19 बड़े शहरों में अपराध कम हुए हैं, वहीं मुंबई में यह 7.1% बढ़ गया है।
मुंबई में अपराध के आंकड़े क्या कहते हैं?
साल 2023 में मुंबई में 65,441 मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 70,054 हो गए। महिलाओं के खिलाफ अपराध 5.5% बढ़कर 6,358 केस तक पहुँच गए, जिसमें मुंबई दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर है। बच्चों के खिलाफ अपराधों में भी 8.5% की बढ़ोतरी हुई और यहाँ 3,374 मामले दर्ज किए गए।
किन क्षेत्रों में बढ़े केस और कहाँ हुई कमी?
बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में सबसे ज्यादा 52.7% की उछाल आई है, जिसका मुख्य कारण साइबर फ्रॉड बताया गया है। साइबर क्राइम के मामले 22% बढ़कर 5,087 हो गए, जिसमें बेंगलुरु के बाद मुंबई दूसरे नंबर पर है। हालांकि, हत्या, लूटपाट, चेन स्नैचिंग और घर में चोरी जैसे पारंपरिक अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है।
आंकड़ों के पीछे की वजह और राजनीतिक प्रतिक्रिया
NCRB ने साफ किया है कि ई-FIR और महिला हेल्पडेस्क जैसी सुविधाओं की वजह से केस दर्ज करना आसान हुआ है, जिससे आंकड़े बढ़े हो सकते हैं। इस रिपोर्ट के बाद शिवसेना UBT की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने महायुति सरकार की आलोचना करते हुए शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। आर्थिक अपराधों के मामले में मुंबई 19 बड़े शहरों में पहले स्थान पर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में सबसे ज्यादा कौन से अपराध बढ़े हैं?
मुंबई में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध 52.7% और साइबर अपराध 22% बढ़े हैं। आर्थिक अपराधों (Fraud, Forgery) के मामले में मुंबई देश के 19 बड़े शहरों में पहले नंबर पर है।
क्या अपराध वास्तव में बढ़े हैं या सिर्फ रिपोर्टिंग बढ़ी है?
NCRB के अनुसार, ई-FIR और महिला हेल्पडेस्क जैसी नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग पहल की वजह से मामलों का पंजीकरण बढ़ा है, जिसे केवल अपराधों में वृद्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।