Mumbai में फर्जी DCP बनकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, राजस्थान और गुजरात के कारोबारी भी जुड़े

Maharashtra: मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे शातिर गिरोह को पकड़ा है जो खुद को पुलिस का बड़ा अफसर बताकर लोगों से लाखों रुपये ठग रहा था। इस गिरोह ने गुजरात और अन्य राज्यों के कारोबारियों को अपना निशाना बनाया। पुलिस ने इस मा

Maharashtra: मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे शातिर गिरोह को पकड़ा है जो खुद को पुलिस का बड़ा अफसर बताकर लोगों से लाखों रुपये ठग रहा था। इस गिरोह ने गुजरात और अन्य राज्यों के कारोबारियों को अपना निशाना बनाया। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के एक कारोबारी और एक फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद गौस इब्राहिम खतीब नाम का शख्स खुद को डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) बताकर लोगों को झांसा देता था। वह अपनी बातों में फंसाने के लिए फर्जी सरकारी आईडी कार्ड और पुलिस की नंबर प्लेट वाली कार का इस्तेमाल करता था। इतना ही नहीं, वह लोगों को पुलिस वर्दी वाली अपनी तस्वीरें दिखाकर यकीन दिलाता था कि उसकी पुलिस विभाग में बहुत पहुंच है और वह किसी भी तरह का पैसा रिकवर करवा सकता है।

इस मामले में एक गुजरात के कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उससे 16 लाख रुपये की ठगी हुई है। वहीं, सिकंदर कोठारी नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि उसने एक बिल्डर कमल साधवानी को फ्लैट के लिए 98 लाख रुपये दिए थे, जो उसे वापस नहीं मिले। जब वह इन जालसाजों के पास गया, तो उन्होंने पैसा वापस दिलाने के नाम पर उससे 4 लाख रुपये नकद ले लिए।

क्राइम ब्रांच की यूनिट 1 ने इस मामले में शुक्रवार को राजस्थान के 46 वर्षीय कारोबारी राजेश बेडसिंह चौधरी को गिरफ्तार किया। मोहम्मद गौस खतीब पहले से ही एक दूसरे ठगी के मामले में जेल में था, लेकिन अब उसे इस नए केस में भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस जांच में पता चला है कि नवीन शर्मा नाम के व्यक्ति ने खतीब का परिचय एक Serving DCP के रूप में कराया था।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रौशन ने बताया कि इस गिरोह ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस को शक है कि ऐसे और भी कई लोग हो सकते हैं जिनके साथ इसी तरह की धोखाधड़ी हुई हो। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी साथियों और उनके नेटवर्क की तलाश कर रही है।