Maharashtra: मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने सोने के कारोबार में करोड़ों की धोखाधड़ी और वसूली के मामले में एक अंगड़िया को गिरफ्तार किया है। आरोपी राकेश मंडलिया ने न केवल पैसे हड़पे, बल्कि पीड़ित व्यापारी को
Maharashtra: मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने सोने के कारोबार में करोड़ों की धोखाधड़ी और वसूली के मामले में एक अंगड़िया को गिरफ्तार किया है। आरोपी राकेश मंडलिया ने न केवल पैसे हड़पे, बल्कि पीड़ित व्यापारी को डराने के लिए ‘D Company’ के नाम का इस्तेमाल किया। पुलिस ने यह कार्रवाई बोरीवली निवासी 50 वर्षीय राकेश मंडलिया के खिलाफ की है।
राकेश मंडलिया ने कैसे की धोखाधड़ी?
आरोपी राकेश मंडलिया भुलेश्वर में एक अंगड़िया फर्म में काम करता था। आरोप है कि जनवरी 2026 के दौरान उसने ग्राहकों से लगभग 1.7 किलो सोने के भुगतान के लिए 2.79 करोड़ रुपये जमा कराए, लेकिन यह रकम Divya Diamond कंपनी तक नहीं पहुँचाई। जब व्यापारी ने अपने पैसे मांगे, तो मंडलिया ने इनकम टैक्स की समस्या बताकर बात टाल दी और शहर छोड़कर फरार हो गया।
D Company के नाम पर दी गई धमकियां
पैसे हड़पने के बाद आरोपी और उसके परिवार ने पीड़ित व्यापारी को डराना शुरू किया। राकेश के ससुर रमेश प्रजापति और पत्नी धरणी मंडलिया ने कथित तौर पर ‘D Company’ के कनेक्शन का हवाला देकर धमकी दी। इतना ही नहीं, ‘हाजी भाई’ नाम के एक व्यक्ति ने अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सएप कॉल कर व्यापारी को जान से मारने की धमकी दी और पेनल्टी के तौर पर 1 करोड़ रुपये की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
इस मामले की पहली एफआईआर जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी, जिसे बाद में एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंप दिया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया है। 5 जून 2026 को पुलिस ने आरोपी राकेश मंडलिया को गिरफ्तार कर लिया और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी ने कुल कितने रुपयों की धोखाधड़ी की?
आरोपी राकेश मंडलिया ने लगभग 1.7 किलो सोने के बदले ग्राहकों से जमा कराए गए 2.79 करोड़ रुपये हड़प लिए थे।
पीड़ित व्यापारी को कैसे डराया गया?
आरोपी के परिवार ने D Company के नाम का इस्तेमाल किया और ‘हाजी भाई’ नामक व्यक्ति ने अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल कर 1 करोड़ रुपये की मांग की थी।