Mumbai में फिर बढ़ा Covid-19 का खतरा, मानसून की देरी और उमस बनी वजह; डॉक्टरों ने जारी की चेतावनी

Maharashtra: मुंबई में पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखी जा रही है। शहर में केवल Covid-19 ही नहीं, बल्कि H1N1 (स्वाइन फ्लू), इन्फ्लुएंजा A और RSV जैसे संक्रमण भी तेजी से फैल रहे हैं। डॉक्टरो

Maharashtra: मुंबई में पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखी जा रही है। शहर में केवल Covid-19 ही नहीं, बल्कि H1N1 (स्वाइन फ्लू), इन्फ्लुएंजा A और RSV जैसे संक्रमण भी तेजी से फैल रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि मानसून के आने में देरी और हवा में बढ़ी भारी उमस की वजह से वायरस ज्यादा समय तक हवा में टिके रह रहे हैं, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं।

मुंबई के अस्पतालों और क्लीनिकों में इन दिनों तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. संजय मेहता ने बताया कि उनकी लैब में रोजाना सात से ज्यादा लोग Covid-19 या H1N1 पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। सीनियर फिजिशियन डॉ. हेमंत थक्कर के मुताबिक, पिछले एक महीने से स्वाइन फ्लू का असर ज्यादा था, लेकिन पिछले 7 से 10 दिनों में कोरोना के केस अचानक सामने आने लगे हैं। हाल ही में ब्रीच कैंडी और भाटिया हॉस्पिटल में कोरोना के मरीज भर्ती हुए हैं।

बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉ. गौतम भंसाली ने कहा कि एक साथ कई वायरस फैल रहे हैं, जिससे मरीजों को तेज बुखार और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हो रहा है, जिसके लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। इसके अलावा, अस्पतालों में वायरल गैस्ट्रोएन्टराइटिस (पेट का संक्रमण) के मामले भी बढ़े हैं। BMC की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दक्षा शाह और शहर के महामारी विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में अचानक आए इस बदलाव ने वायरस को पनपने का मौका दिया है। IMD के अनुसार, मुंबई में मानसून जो 11 जून तक आना चाहिए था, वह अब 22 से 25 जून के बीच आने की उम्मीद है।

महाराष्ट्र सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को निर्देश दिया गया है कि वे फ्लू जैसे लक्षणों वाले 5% मरीजों की अनिवार्य रूप से जांच करें। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिना डॉक्टर की पर्ची के एंटीबायोटिक्स या पैरासिटामोल जैसी दवाइयां खुद से न लें, क्योंकि इससे बीमारी के असली लक्षण छिप सकते हैं।

विशेषज्ञों ने भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, हाथों की सफाई रखने और खांसते समय रुमाल का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, डायबिटीज और फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने और अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं का स्टॉक बढ़ाने और निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है कि जब अच्छी और भारी बारिश शुरू होगी, तो हवा साफ होगी और संक्रमण के मामलों में कमी आएगी।