Mumbai की स्पेशल कोर्ट ने 44 सोमाली समुद्री लुटेरों को सुनाई उम्रकैद, अब अपने देश में जेल जाने की मांग
Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने समुद्री लुटेरी के दो अलग-अलग मामलों में 44 सोमाली नागरिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला 20 जुलाई 2026 को आया, जो भारत के ‘मैरीटाइम एंटी-पायरेसी एक्ट 2022’ के त
Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने समुद्री लुटेरी के दो अलग-अलग मामलों में 44 सोमाली नागरिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला 20 जुलाई 2026 को आया, जो भारत के ‘मैरीटाइम एंटी-पायरेसी एक्ट 2022’ के तहत पहली बड़ी कामयाबी है। सजा सुनाए जाने के बाद अब इन सभी कैदियों ने भारत की जगह अपने देश सोमालिया की जेलों में सजा काटने की गुहार लगाई है।
इन लुटेरों को भारतीय नौसेना ने अप्रैल 2024 में पकड़ा था और तब से ये जेल में बंद हैं। इनमें 20 से 50 साल की उम्र के लोग शामिल हैं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी नंबर 17, ली बनम अब्दी जामा ने अंग्रेजी में बात करते हुए बताया कि उन्हें भारत में भाषा, खान-पान और संस्कृति के साथ तालमेल बिठाने में बहुत मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में उनसे मिलने कोई नहीं आया और परिवार से दूर होने के कारण वे काफी परेशान हैं।
स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रंजीत सांगले ने कोर्ट को बताया कि भारत और सोमालिया के बीच 2017 में एक समझौता हुआ था, जिसके तहत सजायाफ्ता कैदियों को उनके अपने देश भेजा जा सकता है। इसके लिए कैदी जेल अधीक्षक के जरिए सोमाली दूतावास को पत्र लिख सकते हैं। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में अंतिम फैसला भारत सरकार और गृह मंत्रालय का होगा।
जज एस.बी. डिगे की अदालत ने लुटेरों की खराब हालत और उनके गुनाह कबूल करने की बात को सुना, लेकिन साथ ही समुद्री लुटेरी जैसे गंभीर अपराध को देखते हुए सख्त सजा दी। अब कोर्ट इस फैसले की कॉपी सरकार और जिला मजिस्ट्रेट को भेजेगा ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।