Mumbai में रेप पीड़िता की सुरक्षा जरूरी, कोर्ट ने आरोपी को दुकान दोबारा खोलने की इजाजत नहीं दी
Maharashtra: मुंबई की एक सेशन कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए रेप के आरोपी को उसकी दुकान दोबारा खोलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि आरोपी के कमाई करने के अधिकार से ज्यादा जरूरी पीड़िता की सुरक
Maharashtra: मुंबई की एक सेशन कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए रेप के आरोपी को उसकी दुकान दोबारा खोलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि आरोपी के कमाई करने के अधिकार से ज्यादा जरूरी पीड़िता की सुरक्षा है। यह मामला एक 51 साल के पान दुकान मालिक का है, जिस पर मानसिक रूप से अक्षम महिला के साथ बार-बार रेप करने और उसे गर्भवती करने का आरोप है।
आरोपी ने कोर्ट में अर्जी दी थी कि उसकी जमानत की शर्तों में ढील दी जाए ताकि वह पीड़िता के घर के पास अपनी दुकान फिर से खोल सके। जज अश्विनी वी कस्तुरे ने इस अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि जमानत की शर्तों को सिर्फ इसलिए नहीं बदला जा सकता क्योंकि आरोपी को इसमें कोई आर्थिक परेशानी हो रही है। कोर्ट के मुताबिक, अगर आरोपी को पीड़िता के घर के पास दुकान चलाने की अनुमति दी गई, तो इससे पीड़िता की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी और जमानत की शर्तों का मकसद ही खत्म हो जाएगा।
मामले की जानकारी के मुताबिक, आरोपी को अप्रैल 2025 में गिरफ्तार किया गया था और तीन महीने बाद उसे जमानत मिली थी। आरोपी के वकील ने दलील दी थी कि चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और पीड़िता का बयान भी दर्ज हो गया है, इसलिए अब इस पाबंदी की जरूरत नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को नहीं माना और कहा कि गंभीर यौन अपराध के मामलों में पीड़िता को आरोपी की मौजूदगी से बचाना सबसे जरूरी है। इस मामले में आरोपी को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।