Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने शीना बोरा हत्याकांड में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने CBI और खार पुलिस को निर्देश दिया है कि वे शीना बोरा का लैपटॉप और उससे जुड़ी फॉरेंसिक रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। जज जे.पी. दरेक
Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने शीना बोरा हत्याकांड में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने CBI और खार पुलिस को निर्देश दिया है कि वे शीना बोरा का लैपटॉप और उससे जुड़ी फॉरेंसिक रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। जज जे.पी. दरेकर ने इसे निष्पक्ष सुनवाई के लिए जरूरी माना है।
कोर्ट ने लैपटॉप पेश करने का आदेश क्यों दिया?
यह आदेश आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की एक अर्जी के बाद आया है। इंद्राणी के वकील ने दलील दी कि शीना का पर्सनल लैपटॉप मामले के सबूतों के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि CBI ने इस लैपटॉप को सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया था और इसे ‘अनरिलाइड’ (unrelied) सामान की लिस्ट में रखा था, लेकिन कोर्ट ने इसे न्याय के लिए जरूरी बताया है।
लैपटॉप और दस्तावेजों में क्या कमी पाई गई?
कोर्ट ने पाया कि लैपटॉप को गवाहों की मौजूदगी में सील तो किया गया था, लेकिन उसके सर्च और सीजर (जब्ती) का पंचनामा और गवाहों के नाम रिकॉर्ड में नहीं थे। कोर्ट ने अब CBI और पुलिस से निम्नलिखित चीजें मांगी हैं:
- मेटालिक ग्रे Compaq Presario लैपटॉप
- लैपटॉप की फॉरेंसिक एनालिसिस रिपोर्ट
- जब्ती का पंचनामा और गवाहों के नाम
- FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) के साथ हुई बातचीत के दस्तावेज
केस में अब तक क्या हुआ है?
इस मामले में इंद्राणी मुखर्जी के अलावा पीटर मुखर्जी और संजीव खन्ना भी आरोपी हैं। कोर्ट ने माना कि इस केस में इलेक्ट्रॉनिक सबूत काफी जटिल हैं, इसलिए बचाव पक्ष को इन दस्तावेजों की जरूरत है। CBI ने पहले इस लैपटॉप को पेश करने का विरोध किया था क्योंकि उनके मुताबिक फॉरेंसिक जांच के बाद यह केस के लिए जरूरी नहीं था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोर्ट ने लैपटॉप पेश करने का आदेश क्यों दिया?
आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की अर्जी पर कोर्ट ने इसे ‘फेयर ट्रायल’ यानी निष्पक्ष सुनवाई के लिए जरूरी माना है।
CBI का इस पर क्या कहना था?
CBI ने लैपटॉप पेश करने का विरोध किया था क्योंकि उनका मानना था कि फॉरेंसिक जांच के बाद यह सबूत के तौर पर काम का नहीं है।