Mumbai में हाथी के दांत बेचने वालों को झटका, कोर्ट ने कहा- जांच पूरी होने भर से नहीं मिलेगी जमानत

Maharashtra/Mumbai: मुंबई की एक अदालत ने हाथी के दांतों की तस्करी के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि पुलिस की जांच पूरी हो जाने या चार्जशीट दाखिल होने मात्र से आरोपियों को जमानत नहीं दी जा सकती।

Maharashtra/Mumbai: मुंबई की एक अदालत ने हाथी के दांतों की तस्करी के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि पुलिस की जांच पूरी हो जाने या चार्जशीट दाखिल होने मात्र से आरोपियों को जमानत नहीं दी जा सकती। यह फैसला वन्यजीवों के शिकार और तस्करी को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

पूरा मामला चेंबूर पुलिस की एक जासूसी कार्रवाई से शुरू हुआ था। पुलिस ने एक होटल में छापेमारी कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से हाथी के दो दांत बरामद हुए थे, जिनका वजन 11 किलो और 20.6 किलो था। महाराष्ट्र वन विभाग के अधिकारियों ने इन दांतों की असलियत की पुष्टि की है। बताया गया कि आरोपी इन दांतों को करीब 3.5 करोड़ रुपये में बेचने की योजना बना रहे थे।

23 जून 2026 को इस मामले की सुनवाई करते हुए एडिशनल सेशन जज नितिन जीवने ने संदीप बिदलाण नाम के आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। जज ने कहा कि दुनिया भर की सरकारों की कोशिशों के बावजूद वन्यजीवों का शिकार बढ़ रहा है और कई प्रजातियां खत्म होने की कगार पर हैं। ऐसे में इन अपराधों को बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए ताकि दूसरे लोगों को भी सबक मिले और वे ऐसा काम न करें।

पुलिस ने आरोपियों के फोन से व्हाट्सएप चैट और दांतों की तस्वीरें बरामद की थीं, जो उनके जुर्म का सबूत बनीं। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं (सेक्शन 9, 39, 44, 48, 50 और 51) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये दांत कहां से आए थे और इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।