Maharashtra: मुंबई की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 18 साल तक चले लंबे ट्रायल के बाद Anushool Metals Pvt Ltd और उसकी डायरेक्टर भारती हेगड़े को दोषी करार दिया है। इन लोगों ने Canara Bank के साथ धोखाधड़ी कर करीब 3.33 करोड़ रुपये
Maharashtra: मुंबई की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 18 साल तक चले लंबे ट्रायल के बाद Anushool Metals Pvt Ltd और उसकी डायरेक्टर भारती हेगड़े को दोषी करार दिया है। इन लोगों ने Canara Bank के साथ धोखाधड़ी कर करीब 3.33 करोड़ रुपये का गबन किया था। कोर्ट ने पाया कि बैंक से लोन लेने के लिए फर्जी कागजात का इस्तेमाल किया गया और जरूरी जानकारी छिपाई गई।
कैसे हुआ यह पूरा घोटाला और क्या था तरीका
प्रॉसीक्यूशन के मुताबिक यह कॉर्पोरेट धोखाधड़ी का एक पुराना मामला था। आरोपी ने कागजों पर आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया और एक ऐसी प्रॉपर्टी गिरवी रखी जो पहले से ही कहीं और गिरवी थी। ऊपर से देखने में सभी दस्तावेज सही लग रहे थे, लेकिन बारीकी से जांच करने पर सारी सच्चाई सामने आ गई। इस वजह से सरकारी बैंक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
कोर्ट ने क्या सजा सुनाई और कितना जुर्माना लगाया
अडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट सुप्रिया वी निकम ने इस मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने इसे एक गंभीर आर्थिक अपराध माना जिसमें साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी शामिल थी। सजा का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| दोषी पक्ष |
जुर्माना राशि |
| Bharathi Hegde (डायरेक्टर) |
4.5 लाख रुपये |
| Anushool Metals Pvt Ltd |
3 लाख रुपये |
मजिस्ट्रेट ने कहा कि बैंक आम जनता की मेहनत की कमाई और जमा पूंजी से चलते हैं। अगर बैंक को नुकसान होता है, तो इसका असर सीधा आम लोगों पर पड़ता है। इसलिए न्याय के लिए जेल की सजा और जुर्माने का फैसला लिया गया।
मामले के अन्य आरोपी और कानूनी स्थिति
इस केस में जयराम हेगड़े और चार्टर्ड अकाउंटेंट इकबाल गौर भी आरोपी थे, लेकिन सुनवाई के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई। वहीं, वकील सतीश बेजल को कोर्ट ने पहले ही इस मामले से बरी कर दिया था। 65 साल की भारती हेगड़े, जो बांद्रा की रहने वाली हैं, उन्हें अब इस धोखाधड़ी की सजा भुगतनी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Canara Bank के साथ कितनी धोखाधड़ी हुई थी
इस मामले में Anushool Metals Pvt Ltd और उसके डायरेक्टर ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से करीब 3.33 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी।
कोर्ट ने इस मामले में क्या टिप्पणी की
मजिस्ट्रेट ने कहा कि बैंक जनता के निवेश और जमा राशि पर टिके होते हैं, इसलिए बैंक को होने वाला कोई भी नुकसान अंततः आम जनता को प्रभावित करता है।