Maharashtra : मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को देश की अलग-अलग जेलों में बंद 19 आरोपियों के बयान दर्ज करने की इजाजत दे दी है। यह पूरा मामला आतंकी संगठन ISIS के नेटवर्क को भारत में फैलाने की साजिश और उ
Maharashtra : मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को देश की अलग-अलग जेलों में बंद 19 आरोपियों के बयान दर्ज करने की इजाजत दे दी है। यह पूरा मामला आतंकी संगठन ISIS के नेटवर्क को भारत में फैलाने की साजिश और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। कोर्ट ने इस जांच को प्रभावी बनाने के लिए ED की अर्जी को मंजूरी दी है।
ED जांच में क्या खास है और कौन हैं मुख्य आरोपी?
ED ने कोर्ट को बताया कि यह मामला 2023 में NIA द्वारा दर्ज की गई एक आतंकी साजिश से शुरू हुआ। जांच में सामने आया कि साकिब नचन, जो अब दुनिया में नहीं है, खुद को भारत में ISIS का प्रमुख बताता था। वह युवाओं को भड़काने और धार्मिक शिक्षा के नाम पर हथियार चलाने की ट्रेनिंग दिलाने में शामिल था। इसके अलावा अनुराग मनबीर सिंह को ISIS का खजांची (Treasurer) बताया गया है। ED अब यह पता लगाएगी कि इस आतंकी नेटवर्क के लिए पैसों का लेन-देन कैसे हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
बयान दर्ज करने की प्रक्रिया और कोर्ट के नियम क्या हैं?
जज आर.बी. रोते ने ED को जून से अगस्त 2026 के बीच बयान दर्ज करने की अनुमति दी है। इस काम के लिए अधिकारी लैपटॉप और मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल कर सकेंगे। कोर्ट ने दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, नवी मुंबई और नागपुर की जेलों के अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे ED की मदद करें। PMLA कानून के तहत बयान दर्ज करने के लिए कुछ सख्त नियम हैं, जिसमें ऑफिस समय का पालन करना होता है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में सीनियर अधिकारियों की मंजूरी से समय बढ़ाया जा सकता है।
आतंकी साजिश और पैसों के लेनदेन का कनेक्शन
ED का दावा है कि इन आरोपियों ने देश में ISIS की पकड़ मजबूत करने के लिए एक गहरी साजिश रची थी। साकिब नचन और उसके साथियों ने बोरिवली के पास पडघा के जंगली इलाकों में IED और हथियारों की ट्रेनिंग आयोजित की थी। अब ED बैंक ट्रांजेक्शन और वित्तीय रिकॉर्ड्स के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क को फंड कहां से मिल रहा था और पैसों का इस्तेमाल कैसे किया गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ED किन आरोपियों के बयान दर्ज करेगी?
ED उन 19 आरोपियों के बयान दर्ज करेगी जो भारत की विभिन्न जेलों में बंद हैं और ISIS की आतंकी साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल रहे हैं।
साकिब नचन की इस केस में क्या भूमिका थी?
साकिब नचन को भारत में ISIS का स्व-घोषित प्रमुख और मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है, जो युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और हथियार ट्रेनिंग दिलाने में शामिल था।