Mumbai में रहने का खर्च बढ़ा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो; अब किराया चुकाना ही बन गया है सपना
Maharashtra: मुंबई जैसे बड़े शहर में घर मिलना और वहां का भारी किराया चुकाना आम लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल ही में Instagram यूजर Jagrat Thirwani ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने बिना बालकनी वाले एक छ
Maharashtra: मुंबई जैसे बड़े शहर में घर मिलना और वहां का भारी किराया चुकाना आम लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल ही में Instagram यूजर Jagrat Thirwani ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने बिना बालकनी वाले एक छोटे फ्लैट को दिखाकर मजाक में कहा कि शहर आने वालों का सपना अब सिर्फ किराया चुकाने तक सीमित रह गया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और लोग कमेंट्स में कह रहे हैं कि मुंबई पहले आपके टैलेंट को नहीं बल्कि आपके बैंक बैलेंस को परखती है।
शहर में रहने का खर्च इतना ज्यादा है कि एक आम आदमी के लिए गुजारा करना मुश्किल होता जा रहा है। जून 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई में एक अकेले व्यक्ति का महीने का खर्च किराए को छोड़कर लगभग 36,962 रुपये है, जबकि चार लोगों के परिवार के लिए यह खर्च करीब 1,32,172 रुपये तक जाता है। अगर शहर के बीचों-बीच एक बेडरूम का फ्लैट लेना हो तो उसका किराया करीब 63,318 रुपये महीना है, वहीं शहर से बाहर यह करीब 34,500 रुपये है। Worli इलाके में काम करने वाले एक इन्वेस्टमेंट बैंकर ने बताया कि उनका कुल मासिक खर्च 1.3 लाख रुपये है, जिसमें से 60,000 रुपये सिर्फ किराए में चले जाते हैं।
किराये की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं। अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किफायती रेंटल हाउसिंग सिस्टम बनाने के निर्देश दिए थे, जिसके लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी तैयार किया जा रहा है। साथ ही महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट, 1999 को सख्ती से लागू करने और किराये से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए 100 विशेष अदालतें बनाने की योजना है।
| खर्च का विवरण (जून 2026) | अनुमानित राशि (रुपये) |
|---|---|
| एक व्यक्ति का मासिक खर्च (बिना किराया) | 36,962 |
| 4 लोगों के परिवार का मासिक खर्च (बिना किराया) | 1,32,172 |
| सिटी सेंटर में 1BHK का किराया | 63,318 |
| सिटी सेंटर से बाहर 1BHK का किराया | 34,500 |
सरकार का लक्ष्य 2030 तक 19 अलग-अलग क्लस्टर्स में 7 लाख पुनर्वास इकाइयां बनाना है। इसके अलावा मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में बुनियादी ढांचे और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर निवेश किया जा रहा है ताकि शहरी दबाव को कम किया जा सके।