Mumbai: सामान का एक्स्ट्रा चार्ज न देने पर फ्लाइट में बोर्डिंग से रोका, कंज्यूमर कोर्ट ने Brussels Airlines को दी राहत

Maharashtra/Mumbai: मुंबई की एक जिला उपभोक्ता अदालत ने ब्रुसेल्स एयरलाइंस के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई यात्री तय समय तक चेक-इन नहीं करता और अतिरिक्त सामान (excess baggage) का शुल्क नहीं भरता, तो ए

Maharashtra/Mumbai: मुंबई की एक जिला उपभोक्ता अदालत ने ब्रुसेल्स एयरलाइंस के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई यात्री तय समय तक चेक-इन नहीं करता और अतिरिक्त सामान (excess baggage) का शुल्क नहीं भरता, तो एयरलाइन उसे बोर्डिंग से रोक सकती है। इसे सेवा में कमी नहीं माना जाएगा, बशर्ते एयरलाइन अपने नियमों के तहत काम कर रही हो।

यह मामला वर्सोवा निवासी कांति जैन ने दर्ज कराया था। उन्होंने 12 सितंबर 2017 को मुंबई से ब्रुसेल्स होते हुए मैनचेस्टर की यात्रा के लिए खुद और दो बच्चों के लिए टिकट बुक किए थे। यात्री को बोर्डिंग से मना कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने कंज्यूमर कमीशन में शिकायत दर्ज की थी। 28 जुलाई 2026 को कोर्ट ने इस शिकायत को खारिज कर दिया।

अदालत ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता आयोग उन कॉन्ट्रैक्ट नियमों को नहीं बदल सकते जिन्हें यात्री ने स्वेच्छा से स्वीकार किया है, जब तक कि वे नियम गैरकानूनी या गलत न हों। कोर्ट के मुताबिक, ब्रुसेल्स एयरलाइंस ने अपनी जनरल कंडीशंस ऑफ कैरिज और बैगेज पॉलिसी का पालन किया। एयरलाइन के नियमों के आर्टिकल 8 के तहत, तय सीमा से ज्यादा सामान होने पर शुल्क लेना जायज है।

कमीशन ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में चेक-इन की समय सीमा बहुत जरूरी होती है। अगर चेक-इन प्रोसेस बंद हो जाता है, तो सुरक्षा और फ्लाइट शेड्यूल की वजह से यात्रियों को स्वीकार करना संभव नहीं होता। कोर्ट ने माना कि यात्री को नई टिकट खरीदने के कारण जो परेशानी हुई, वह उसकी अपनी गलती की वजह से थी, न कि एयरलाइन की लापरवाही से।